facebookmetapixel
30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकस

Investors Loss: शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये डूबे

शेयर बाजार में गिरावट का प्रभाव व्यापक रहा, जहां 2,875 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि केवल 985 शेयरों में बढ़त हुई और 109 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

Last Updated- October 03, 2024 | 4:36 PM IST
Nifty50

गुरुवार को दलाल स्ट्रीट पर भारी गिरावट के कारण निवेशकों को 9.7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण मंगलवार को लगभग 474 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार को घटकर 465 लाख करोड़ रुपये रह गया। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान यह नुकसान बढ़कर 10.56 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जब बीएसई का कुल बाजार पूंजीकरण 464 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

शेयर बाजार में गिरावट का प्रभाव व्यापक रहा, जहां 2,875 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि केवल 985 शेयरों में बढ़त हुई और 109 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

बीएसई सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक सबसे अधिक गिरावट में रहे, जिससे सेंसेक्स में अगस्त 5 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,832 अंकों की गिरावट के साथ 2.17 प्रतिशत गिरकर 82,434 पर बंद हुआ।

वहीं, निफ्टी50 में भी 566 अंकों की गिरावट आई और यह 2.19 प्रतिशत गिरकर 25,230.30 पर पहुंच गया। इसके साथ ही वोलाटिलिटी इंडिकेटर इंडिया VIX में 11.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।

सेक्टर्स पर असर

सभी प्रमुख सेक्टर्स में गिरावट देखी गई, जिसमें निफ्टी रियल्टी सबसे अधिक प्रभावित हुआ और 4.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके बाद निफ्टी ऑटो में 2.88 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 2.61 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 2.59 प्रतिशत की गिरावट रही।

विश्लेषकों की राय

विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में गिरावट के पीछे कई नकारात्मक कारण हैं, जैसे कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, सेबी द्वारा F&O सेगमेंट में किए गए हालिया बदलाव और चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा प्रोत्साहन पैकेज के बाद चीनी बाजार में आई मजबूती।

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के रिसर्च और एडवाइजरी के एवीपी विष्णु कांत उपाध्याय ने कहा, “अटकलें हैं कि इज़राइल ईरान के तेल क्षेत्रों को निशाना बना सकता है, जिससे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, सेबी के नए नियमों के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है, क्योंकि खुदरा निवेशकों की भागीदारी कम हो सकती है।”

स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट के रिसर्च प्रमुख संतोष मीना ने बताया कि विदेशी निवेशकों (FII) का धन भारत से चीन की ओर जा रहा है, जिससे बड़े कैप शेयरों पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा, राज्य चुनावों से पहले मुनाफावसूली और ऊंची कीमतों को लेकर चिंता भी बाजार में गिरावट का एक कारण रही है।

First Published - October 3, 2024 | 4:36 PM IST

संबंधित पोस्ट