facebookmetapixel
Budget 2026: स्टील इंडस्ट्री ने ग्रीन स्टील और कम-कार्बन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए मांगी सहायताशेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 770 अंक लुढ़का; निफ्टी 25,000 के करीब फिसलाBPCL Q3 Results: Q3 में मुनाफा 89% बढ़कर ₹7,188 करोड़ के पार, ₹10 डिविडेंड का ऐलानदावोस में महाराष्ट्र ने 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किएमाघ मेले में बसंत पंचमी पर 3.2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया संगम स्नान, कल्पवासियों की वापसी शुरूBudget 2026: सैलरीड टैक्सपेयर्स को क्या मिलेगी राहत? न्यू टैक्स रिजीम पर बड़ा फोकसBudget 2026: कैपेक्स और रोजगार पर जोर, टैक्स कलेक्शन व विनिवेश बने रहेंगे चुनौतीदेश की अर्थव्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड! Budget से पहले आएगा इकोनॉमिक सर्वे, जानें क्या है इसकी अहमियतBudget 2026: अहम तारीखें, इकोनॉमिक सर्वे और लाइव कवरेज; बजट से जुड़ी हर जरूरी जानकारीMarket This Week: FIIs की बिकवाली और सुस्त नतीजों से सहमा बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी 2.5% टूट; निवेशकों के ₹16 लाख करोड़ डूबे

वैश्विक निवेशकों को भारत पंसद

पिछले एक दशक में बड़ा बदलाव यह हुआ है कि भारत में उद्यमिता उस जगह से आगे बढ़ गई है जिसके बारे में केवल सोचा जाता था।

Last Updated- January 10, 2024 | 10:36 PM IST
Zerodha co-founder Nikhil Kamath

ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सह-संस्थापक और मुख्य वित्त अधिकारी निखिल कामत ने बुधवार को कहा कि अगर वैश्विक निवेशक भारत में बहुत देर से पहुंचते हैं, तो उन्हें नुकसान का जोखिम उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होगा क्योंकि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक बेहतरीन स्थान है।

वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक सम्मेलन के दौरान कामत ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की उद्यमिता काफी विकसित हुई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में स्टार्टअप परिवेश की शुरुआत हुई है।

उन्होंने कहा, ‘यहां मौजूद सभी विदेशी निवेशकों को भारत सबसे बेहतरीन स्थान लग रहा है। मुझे लगता है कि आपको इससे सावधान रहना चाहिए कि अगर आप यहां देर से आएंगे तो आप इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे।’

पिछले एक दशक में बड़ा बदलाव यह हुआ है कि भारत में उद्यमिता उस जगह से आगे बढ़ गई है जिसके बारे में केवल सोचा जाता था। जिसे हम फिल्मों में देखते थे उसे अब सभी लोग मिलकर पाने की कोशिश कर रहे हैं। कामत ने कहा, ‘पिछले दस साल भारत के लिए काफी अविश्वसनीय रहे हैं। ऐसा सिर्फ मेरे लिए नहीं है। मेरे जैसे कई और लोग भी हैं। हम इसे भारत में स्टार्ट-अप परिवेश कहते हैं।’

कामत ने कहा, ‘पहले, भारत के लोग बेहतर अवसर की तलाश के लिए ए पश्चिम देशों जाते थे, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। जो लोग देश छोड़ चुके हैं उनमें से कई भारत के बारे में उस कहानी के रूप में बात कर रहे हैं जिसके छूट जाने का उन्हें डर है।’

First Published - January 10, 2024 | 10:36 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट