facebookmetapixel
Advertisement
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के अगले चरण की तैयारी, 10,000 सर्किट किमी ट्रांसमिशन नेटवर्क बनेगापश्चिम एशिया संकट से सबक, भारत को मजबूत करने होंगे तेल भंडार और घरेलू उत्पादनकैबिनेट ने ₹23,731 करोड़ की गोबरधन योजना को दी मंजूरी, CBG उत्पादन बढ़ाने पर जोरविकसित भारत के लिए 21 साल तक 9.25% विकास दर जरूरी: अशोक लाहिड़ी भारत के ई20 लक्ष्य पर ब्राजील का भरोसा, जैव ईंधन को बताया पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए जरूरीउदारीकरण के 35 साल: भारत ने चीन से पहले दवा बनानी शुरू की लेकिन अब चीन वर्षों आगेतकनीक के सहारे बाजार सुधार पर जोर, सेबी लाएगा सेतु पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टमनजारा टेक्नॉलजीज ने तरजीही इश्यू से 733.5 करोड़ रुपये जुटाए, नए CEO रेमंड स्टॉफर करेंगे सबसे बड़ा निवेशम्युचुअल फंड कंपनियों की नई रणनीति, अलग-अलग थीम पर फोकस करेंगी नई स्कीमेंरक्षा शेयरों का जलवा: जून तिमाही में 2.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ा मार्केट कैप, लंबी अवधि में ग्रोथ की उम्मीद

वैश्विक निवेशकों को भारत पंसद

Advertisement

पिछले एक दशक में बड़ा बदलाव यह हुआ है कि भारत में उद्यमिता उस जगह से आगे बढ़ गई है जिसके बारे में केवल सोचा जाता था।

Last Updated- January 10, 2024 | 10:36 PM IST
Zerodha co-founder Nikhil Kamath

ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सह-संस्थापक और मुख्य वित्त अधिकारी निखिल कामत ने बुधवार को कहा कि अगर वैश्विक निवेशक भारत में बहुत देर से पहुंचते हैं, तो उन्हें नुकसान का जोखिम उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होगा क्योंकि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक बेहतरीन स्थान है।

वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक सम्मेलन के दौरान कामत ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की उद्यमिता काफी विकसित हुई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में स्टार्टअप परिवेश की शुरुआत हुई है।

उन्होंने कहा, ‘यहां मौजूद सभी विदेशी निवेशकों को भारत सबसे बेहतरीन स्थान लग रहा है। मुझे लगता है कि आपको इससे सावधान रहना चाहिए कि अगर आप यहां देर से आएंगे तो आप इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे।’

पिछले एक दशक में बड़ा बदलाव यह हुआ है कि भारत में उद्यमिता उस जगह से आगे बढ़ गई है जिसके बारे में केवल सोचा जाता था। जिसे हम फिल्मों में देखते थे उसे अब सभी लोग मिलकर पाने की कोशिश कर रहे हैं। कामत ने कहा, ‘पिछले दस साल भारत के लिए काफी अविश्वसनीय रहे हैं। ऐसा सिर्फ मेरे लिए नहीं है। मेरे जैसे कई और लोग भी हैं। हम इसे भारत में स्टार्ट-अप परिवेश कहते हैं।’

कामत ने कहा, ‘पहले, भारत के लोग बेहतर अवसर की तलाश के लिए ए पश्चिम देशों जाते थे, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। जो लोग देश छोड़ चुके हैं उनमें से कई भारत के बारे में उस कहानी के रूप में बात कर रहे हैं जिसके छूट जाने का उन्हें डर है।’

Advertisement
First Published - January 10, 2024 | 10:36 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement