facebookmetapixel
Advertisement
डिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरूREIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत, नई टैक्स व्यवस्था में भी डिविडेंड रहेगा पूरी तरह टैक्स फ्रीडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का दिया निर्देशFuel Prices: पेट्रोल-डीजल कीमतों पर सरकार रखेगी नजर, जरूरत पड़ने पर उठाएगी कदमTax Amendment Bill 2026: विदेशी निवेशकों के लिए आसान होंगे टैक्स नियम, लोकसभा में विधेयक पेशNSE क्लोजिंग प्राइस विवाद से बदला म्युचुअल फंड NAV, निवेशकों पर दिखा अलग-अलग असरMeta के अधिकारियों से आज सरकार की बैठक, WhatsApp और कंटेंट मॉडरेशन पर होंगे सवाल

FPI: मई में इक्विटी में एफपीआई निवेश जारी, अब तक ₹14,167 करोड़ की फंडिंग

Advertisement

डिपॉजिटरी डेटा के अनुसार, यह लगातार दूसरा महीना है जब एफपीआई की ओर से शुद्ध निवेश देखने को मिला है।

Last Updated- May 11, 2025 | 1:45 PM IST
FPI
Representative Image

FPI Data: देश के शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का भरोसा बरकरार है। मई महीने में अब तक उन्होंने भारतीय इक्विटी में ₹14,167 करोड़ का निवेश किया है। यह निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव जारी है।

डिपॉजिटरी डेटा के अनुसार, यह लगातार दूसरा महीना है जब एफपीआई की ओर से शुद्ध निवेश देखने को मिला है। अप्रैल में उन्होंने ₹4,223 करोड़ का निवेश किया था, जो तीन महीने बाद पहली बार हुआ था। इससे पहले एफपीआई ने जनवरी में ₹78,027 करोड़, फरवरी में ₹34,574 करोड़ और मार्च में ₹3,973 करोड़ की निकासी की थी।

निवेश के पीछे क्या वजहें हैं?

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, अमेरिकी और चीनी अर्थव्यवस्था की सुस्ती, भारत की तेज GDP ग्रोथ, घटती महंगाई और ब्याज दरों के चलते निवेशकों को भारतीय बाजार ज्यादा आकर्षक लग रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, “ग्लोबल और डोमेस्टिक दोनों स्तर पर अनुकूल माहौल बन रहा है, जिससे एफपीआई निवेश में तेजी आ सकती है। हालांकि, डेट सेगमेंट में निवेश कमजोर बना रह सकता है।”

ये भी पढ़ें: MCap: सेंसेक्स में गिरावट का असर, 8 टॉप कंपनियों का मार्केट कैप ₹1.60 लाख करोड़ लुढ़का; Reliance को सबसे बड़ा झटका

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीद से बढ़ा उत्साह

Morningstar Investment के एसोसिएट डायरेक्टर हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की उम्मीद और भारतीय रुपये की मजबूती के चलते भी विदेशी निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इसके अलावा, बड़ी भारतीय कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों ने भी सेंटीमेंट को मजबूत किया है।

वीके विजयकुमार ने बताया कि एफपीआई ने लगातार 16 ट्रेडिंग सेशनों में ₹48,533 करोड़ की खरीदारी की थी। हालांकि 9 मई को जब भारत-पाक तनाव बढ़ा, उस दिन उन्होंने ₹3,798 करोड़ की बिकवाली की।

डेट सेगमेंट में हलचल धीमी

मई में अब तक एफपीआई ने जनरल डेट लिमिट से ₹3,725 करोड़ निकाले हैं, जबकि वॉलंटरी रिटेंशन रूट में ₹1,160 करोड़ का निवेश किया है। हाल के निवेश से 2025 में अब तक की कुल एफपीआई निकासी ₹98,184 करोड़ तक सिमट आई है, जो पहले काफी ज्यादा थी।

Advertisement
First Published - May 11, 2025 | 1:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement