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इक्विटी कैश ट्रेडिंग 14 महीने के उच्चतम स्तर पर, कारोबार बढ़ा

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जून के दौरान निफ्टी में 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि स्मॉलकैप व मिडकैप इंडेक्स में 6 से 7 फीसदी तक की उछाल दर्ज हुई।

Last Updated- July 03, 2023 | 11:27 PM IST
Equity MF flows at 12-month high in March

बाजारों में खरीदारी के बीच जून में इक्विटी नकदी कारोबार 14 महीने के उच्चस्तर पर पहुंच गया। लगातार तीसरे महीने हुई कारोबार में बढ़ोतरी से रोजाना औसत कारोबार एनएसई व बीएसई के नकदी क्षेत्र में 67,491 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो अप्रैल 2022 के बाद का सर्वोच्च आंकड़ा है। सालाना आधार पर रोजाना औसत कारोबार में 42 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इस बीच, डेरिवेटिव बाजार में रोजाना औसत कारोबार लगातार आठवें महीने बढ़ा और 259 लाख करोड़ रुपये की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। जून में सेंसेक्स व निफ्टी ने दिसंबर 2022 के सर्वोच्च स्तर को पार कर लिया। इससे पहले व्यापक बाजारों में मिडकैप व स्मॉलकैप इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए।

जून के दौरान निफ्टी में 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि स्मॉलकैप व मिडकैप इंडेक्स में 6 से 7 फीसदी तक की उछाल दर्ज हुई। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख पंकज पांडे ने कहा, इस समय हम बाजार में व्यापक आधार पर तेजी का अनुभव कर रहे हैं, जिसकी वजह मुख्य रूप से अनुकूल आर्थिक हालात हैं। देसी अर्थव्यवस्था और कंपनियों की आय लगातार बेहतर हो रही है और इस वजह से मिडकैप व स्मॉलकैप में तेजी देखने को मिली है और ये चीजें नकदी वॉल्यूम में रिकवरी के तौर पर नजर आई है।

द्वि‍तीयक बाजार में खुदरा भागीदारी में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कीमत बढ़ने से कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा, हालांकि अगर शेयरों में बढ़त कायम रहती है तो बाजार में एक बार फिर खुदरा निवेशकों की तरफ से खरीदारी देखने को मिल सकती है।

ऐक्सिस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (तकनीकी व डेरिवेटिव रिसर्च) राजेश पालविया ने कहा, हमने कई शेयरों में हालिया निचले स्तर से 15 से 20 फीसदी तक की उछाल देखी है। इससे किसी कंपनी के ट्रेड होने वाले वॉल्यूम में बढ़ोतरी हुई है। हमने बैंकिंग व वाहन जैसे क्षेत्रों में उच्च वॉल्यूम व उच्च कारोबार देखा है। विश्लेषण करने के बाद हमने पाया कि ओपन इंटरेस्ट यानी खड़े सौदे में ज्यादा इजाफा नहीं हुआ है, लेकिन टर्नओवर ज्यादा है।

एनएसई मार्केट पल्स रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, मई में खुदरा निवेशक लगातार तीसरे महीने शुद्ध‍ बिकवाल बने रहे और तीन महीने में शुद्ध‍ निकासी 1.96 लाख करोड़ रुपये की हुई। एक्सचेंज की तरफ से जून के आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं।

हालांकि एक्सचेंज पर सक्रिय निवेशकों का आधार मई में पांच महीने के उच्चस्तर 84 लाख पर पहुंच गया, जो ​इससे पिछले चार महीने में लगातार हो रही गिरावट को देखते हुए सुधार दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है, खुदरा निवेशकों की तरफ से सीधी भागीदारी जुलाई 2022 के बाद से कम हुई है लेकिन नए निवेशकों का पंजीकरण और कुल नकदी कारोबार में खुदरा हिस्सेदारी में इजाफे ने मजबूती का संकेत भी दिया है।

बाजार में दिसंबर 2022 से मार्च 2023 के बीच हुई तेज बिकवाली के बाद खुदरा निवेशक अब इक्विटी को लेकर चौकस हो गए हैं। हालांकि मार्च के निचले स्तर से बाजार में तेजी के कारण ज्यादातर निवेशक आश्चर्यचकित हुए। बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि कई सक्रिय निवेशक किनारे खड़े रहे क्योंकि उन्हें शेयरों में इतनी तेज बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं थी।

पांडे ने कहा, हमारा मानना है कि व्यापक आधारित तेजी जारी रहेगी लेकिन कुछ क्षेत्रों में एकीकरण जारी रह सकता है। बैंकिंग में पहले ही एकीकरण ​देखा जा चुका है। आईटी का प्रदर्शन कमजोर रहा है और हम आगे और क्षति नहीं देख रहे। हालांकि अपनी राय पर कायम रहने के लिए हम नतीजों का इंतजार करेंगे। निफ्टी के ज्यादातर शेयर इस समय बेहतर नजर आ रहे हैं। इस साल दीवाली तक निफ्टी में 20,400 का स्तर देखा जा सकता है।

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First Published - July 3, 2023 | 9:48 PM IST

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