सोने में लॉन्ग पोजीशन वैश्विक फंड प्रबंधकों के बीच दूसरे सबसे बड़े कारोबार में शामिल हो गई है। बोफा सिक्योरिटीज के 18 अगस्त को जारी किए गए अगस्त फंड मैनेजर सर्वे (एफएमएस) के निष्कर्षों से पता चलता है कि सर्वे में शामिल 23 प्रतिशत फंड प्रबंधक सोने पर सकारात्मक हैं। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के आंकड़े से पता चलता है कि कैलेंडर वर्ष 2020 में अब तक सोने की कीमतें करीब 30 प्रतिशत चढ़ चुकी हैं और पिछले एक साल में इनमें 38 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की गई।
सर्वे में शामिल लोगों में से 59 प्रतिशत इस परिसंपत्ति वर्ग पर वैश्विक रूप से सकारात्मक थे। अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों पर लॉन्ग पोजीशन अगस्त में वैश्विक फंड प्रबंधकों में सबसे ज्यादा कारोबार के साथ शीर्ष पर रहीं। आश्चर्यजनक बात यह है कि बोफा सिक्योरिटीज के सर्वे में शामिल 31 प्रतिशत फंड प्रबंधकों ने माना कि सोने का मूल्य अधिक है। सर्वे में शामिल 46 प्रतिशत का मानना है कि इक्विटी बाजार तेजी के दौर में हैं, जबकि 79 प्रतिशतने अगले साल के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद जताई।
यह सर्वे 7 अगस्त से 13 अगस्त 2020 के बीच कराया गया था। 518 अरब डॉलर की कुल प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) वाले 203 प्रतिभागियों ने इस सर्वे में हिस्सा लिया। 489 अरब डॉलर की एयूएम वाले 181 प्रतिभागियों ने ग्लोबल एफएमएस सवालों का और 144 अरब डॉलर की एयूएम के साथ 84 प्रतिभागियों ने रीजनल एफएमएस सवालों का जवाब दिया।
बोफा सिक्योरिटीज ने कहा है, ‘परिसंपत्ति आवंटन अमेरिकी वृद्घि वाले शेयरों की ओर केंद्रित है, लेकिन अगस्त एफएमएस से मुद्रास्फीति परिसंपत्तियों के लिए सुधार का संकेत मिलता है, खासकर यूरोप और उभरते बाजारों के शेयरों, बैंकों, स्मॉल-कैप और वैल्यू शेयरों के लिए रुझान। अगस्त एफएमएस से पता चलता है कि वी-शेप रिकवरी की उम्मीद वैश्विक आर्थिक रिकवरी डब्ल्यू-शेप या यू-शेप (31 प्रतिशत) रहने की उम्मीद के मुकाबले 17 प्रतिशत पर कमजोर है।’
बोफा सिक्योरिटीज के अनुसार, एफएमएस निवेशकों में से 57 प्रतिशत चाहते हैं कि कंपनियां पूंजीगत खर्च बढ़ाने के बजाय अपनी बैलेंस शीट सुधारने पर ध्यान दें।
बोफा सिक्योरिटीज के अनुसार, 2011 से निवेशकों की मुख्य चिंताएं यूरोजोन ऋण, चीन में वृद्घि, लोक-लुभावनवाद, व्यापारिक टकराव और अब वैश्विक कोरोनावायरस हैं।
कोविड-19 के दूसरे चरण को लेकर पैदा हुई आशंका को लेकर 35 प्रतिशत एफएमएस निवेशकों का कहना है कि यह अमेरिका-चीन व्यापारिक युद्घ, अमेरिकी चुनाव और क्रेडिट घटनाक्रम के बाद प्रमुख चिंता है, जो वैश्विक वित्तीय बाजारों को प्रभावित कर सकती है।