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भरपूर ठेकों से डिफेंस शेयरों को दम, बड़े ऑर्डरों से सेक्टर में नई तेजी की उम्मीद

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रक्षा मंत्रालय राजस्व क्षमता बढ़ाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है

Last Updated- January 05, 2025 | 9:56 PM IST
Defence stocks

Defense Stocks: रक्षा मंत्रालय द्वारा आधुनिकीकरण, नई प्रौद्योगिकियों और निर्यात पर जोर दिए जाने के साथ साथ 2024-25 की चौथी तिमाही में ठेकों की रफ्तार भी तेज बनी रही। इससे भारत के रक्षा क्षेत्र की राजस्व एवं आय संभावनाएं मजबूत होंगी। ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, सूचीबद्ध रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के शेयर मूल्यों में हाल में आई गिरावट ने निवेशकों के लिए रिस्क/रिवार्ड समीकरण को और अधिक आकर्षक बना दिया है। हालांकि जहां सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर भाव तीन वर्षों में 2.5 गुना बढ़ गए थे, वहीं ऊंचे मूल्यांकन, धीमे ऑर्डर प्रवाह और ​क्रियान्वयन तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं में चुनौतियों की वजह से पिछले छह महीनों में 19 प्रतिशत की गिरावट आई है।

रक्षा अधिग्रहणों में सरकार की मुख्य भूमिका होने के कारण, हाल में की गई घोषणा (2025 इस क्षेत्र में सुधारों का वर्ष होगा – जिसका उद्देश्य भारत की रक्षा क्षमताओं का आधुनिकीकरण करना, अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, नई प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करना और रक्षा तथा नागरिक क्षेत्रों के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाना है) से सरकारी स्वामित्व वाली और सूचीबद्ध निजी रक्षा कंपनियों, दोनों को फायदा होगा।

केयरएज रेटिंग्स के सहायक निदेशक डी नवीन कुमार का मानना है कि निजी क्षेत्र से संबं​धित खरीद एवं प्रोत्साहन को सुगम बनाने के लिए नियामकीय सुधारों से नवाचार एवं निवेश के लिए अनुकूल परिवेश तैयार होगा। इन कारकों से उद्योग की वृद्धि 2023-24 और 2028-29 के बीच सालाना करीब 20 फीसदी तक बढ़ सकती है, जबकि परिचालन मुनाफा मार्जिन भी 20 फीसदी के आसपास रह सकता है।

इस क्षेत्र के लिए प्रमुख अल्पाव​धि वाहकों में जनवरी-मार्च तिमाही और कैलेंडर वर्ष 2025 में रक्षा खर्च में अपेक्षित वृद्धि मुख्य रूप से शामिल है। ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के विश्लेषक धीरेंद्र तिवारी ने कहा है, ‘हालांकि वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में रक्षा पूंजीगत खर्च कम रहा (सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की गिरावट), लेकिन कई बड़े ऑर्डरों के पूरा होने से वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। ’

सरकार ने बजट के लिए अपना रक्षा खर्च व्यय 1.7 लाख करोड़ रुपये पर बनाए रखा है, जिससे सालाना आधार पर 9 फीसदी तेजी का पता चलता है। नए ऑर्डरों के पूरा होने (सुखोई इंजन और सुखोई एसयू-30एमकेआई, 40,000 करोड़ रुपये समेत) से सकारात्मक रुझान का संकेत मिलता है।

ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग को ऑर्डर मिलने की रफ्तार वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में मजबूत बने रहने की संभावना है, जिससे प्रमुख रक्षा कंपनियों के लिए हालात सुधर रहे हैं। ब्रोकरेज ने कीमतों में मौजूदा गिरावट को निवेश के लिए प्रवेश के अवसर के रूप में देखा है और इस क्षेत्र में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) और पीटीसी इंडस्ट्रीज उसके पसंदीदा शेयरों में शुमार हैं।

इलारा सिक्योरिटीज को वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में बड़े ऑर्डर मिलने का भी अनुमान जताया है, जिससे अप्रैल से अक्टूबर 2024 तक रक्षा खर्च की भागीदारी में एक साल पहले के मुकाबले 7 फीसदी वृद्धि का पता चलता है। जनवरी-मार्च तिमाही के खर्च में राफेल एम फाइटर एयरक्राफ्ट (4 अरब डॉलर) और एमक्यू-9बी ड्रोन (3 अरब डॉलर) के निर्यात के अलावा, अत्याधुनिक मालवाहक (36,000 करोड़ रुपये) के लिए घरेलू ऑर्डर शामिल होंगे।

रक्षा मंत्रालय द्वारा ऑर्डर दिए जाने की रफ्तार का अंदाजा घरेलू एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी (एओएन) में स्पष्ट दिखा है। 2022-23 और दिसंबर 2024 के बीच, 8.3 लाख करोड़ रुपये मूल्य के एओएन को मंजूरी दी गई, जो 2012-13 और 2021-22 के बीच स्वीकृत घरेलू एओएन की कुल वैल्यू (5.4 लाख करोड़ रुपये) की तुलना में 53 फीसदी तक ज्यादा है। इन ऑर्डरों को ध्यान में रखते हुए इलारा सिक्योरिटीज के

ह​र्षित कपाडिया को अगले दो-तीन साल के दौरान अनुबंधों में बड़ी तेजी की संभावना दिख रही है। वे भारत के रक्षा क्षेत्र पर आशा​न्वित बने हुए हैं, जिसमें स्वदेशीकरण और निर्यात के दम पर अगले दशक के दौरान मजबूत वृद्धि दर्ज की जा सकती है। ब्रोकरेज के पसंदीदा शेयरों में एचएएल और बीईएल हैं।

ब्रोकरों का मानना है कि कैलेंडर वर्ष 2025 एक महत्वपूर्ण वर्ष होगा, क्योंकि ​क्विक रिएक्शन सरफेस-टु-एयर मिसाइल, प्रोजेक्ट-75 इंडिया, हल्के लड़ाकू विमान, मार्क 1ए और पिनाक मल्टी-बैरल रॉकेट लांचर जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के लिए ऑर्डर जारी किए जा सकते हैं। उद्योग की वृद्धि मुख्य रूप से वायु सेना और नौसेना पर ज्यादा केंद्रित रह सकती है।

नुवामा रिसर्च भारतीय रक्षा क्षेत्र पर उत्साहित है, क्योंकि इस क्षेत्र में स्थानीयकरण के लिए बड़े पैमाने पर जोर दिया गया है ताकि बाधित वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता कम हो सके और बड़े कार्यक्रमों के साथ आधुनिकीकरण के प्रयासों को बरकरार रखा जा सके। इस क्षेत्र के उपक्षेत्रों में, ब्रोकरेज विशेष रूप से रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स पर उत्साहित है और बीईएल और डेटा पैटर्न्स (इंडिया) उसके पसंदीदा शेयरों में शामिल हैं।

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First Published - January 5, 2025 | 9:56 PM IST

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