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राजस्व अनुमान से चूकी बीईएल, शेयर टूटा

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नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर बुधवार को दबाव में रहा और बीएसई पर कारोबारी सत्र के दौरान 6 फीसदी टूटकर 274.50 रुपये के निचले स्तर पर चला गया।

Last Updated- April 02, 2025 | 10:58 PM IST
Stock Market Outlook
प्रतीकात्मक तस्वीर

नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर बुधवार को दबाव में रहा और बीएसई पर कारोबारी सत्र के दौरान 6 फीसदी टूटकर 274.50 रुपये के निचले स्तर पर चला गया। हालांकि अंत में यह शेयर 3.44 फीसदी की गिरावट के साथ 282.40 रुपये पर बंद हुआ। इसकी तुलना में बीएसई सेंसेक्स 0.78 फीसदी की बढ़त के साथ 76,617.44 पर बंद हुआ। शेयर में गिरावट का कारण कंपनी का वित्त वर्ष 2025 का राजस्व अनुमान से चूकना रहा।

रक्षा क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी ने एक्सचेंजों को बताया कि वित्त वर्ष 2025 के दौरान उसने करीब 23,000 करोड़ रुपये (अनंतिम और अनांकेक्षित) का कारोबार किया है जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह कारोबार 19,820 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह कंपनी ने 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। इसमें वित्त वर्ष 2025 के दौरान करीब 10.6 करोड़ डॉलर की निर्यात बिक्री शामिल है जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 9.29 करोड़ डॉलर थी। इस तरह कंपनी ने 14 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। हालांकि यह आंकड़ा कंपनी के 25,000 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व से कम है। कंपनी ने हालांकि वित्त वर्ष 25 में 18,715 करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल किए और 1 अप्रैल 2025 तक बीईएल की कुल ऑर्डर बुक लगभग 71,650 करोड़ रुपये थी जिसमें 35.9 करोड़ डॉलर की निर्यात ऑर्डर भी शामिल हैं।

दीपक कृष्णन की अगुआई वाले कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों ने 1 अप्रैल की रिपोर्ट में कहा है कि रक्षा ऑर्डर में फरवरी और मार्च 2025 में तेज वृद्धि देखने को मिली और करीब 1 लाख करोड़ रुपये के रक्षा ऑर्डर मिले। इस तरह वित्त वर्ष 25 में कुल 2.1 लाख करोड़ रुपये के रक्षा ऑर्डर हासिल हुए।

बीईएल ने वित्त वर्ष 2025 में 18,715 करोड़ रुपये के ऑर्डर की सूचना दी है जो उसके अनुमान से करीब 25 फीसदी कम है और इसकी वजह तीन प्रमुख ऑर्डरों को अंतिम रूप देने में हुई देरी है। इसका अनंतिम राजस्व 23,000 करोड़ रुपये (सालाना आधार पर 16 फीसदी ज्यादा जबकि कोटक रिसर्च का अनुमान 17 फीसदी) रहा। ब्रोकरेज ने कहा, वित्त वर्ष 2026 के लिए बीईएल की ऑर्डर बुक मजबूती बनी हुई है। इसमें मुख्य ऑर्डर बड़ी क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल या क्यूआरएसएएम (25,000 करोड़ रुपये) और मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (15,000 करोड़ रुपये) के हैं। लेकिन मौजूदा पीक पर मार्जिन बनाए रखने की क्षमता अनिश्चित बनी हुई है। हम वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने अनुमानों में 2.9 फीसदी/1.5 फीसदी का संशोधन कर रहे हैं। उसने 260 रुपये की उचित कीमत के साथ बिक्री रेटिंग बरकरार रखी है।

इस बीच, एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने 5 मार्च की अपनी रिपोर्ट में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को रक्षा क्षेत्र में लगातार सतत प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में से एक बताया था जिसका वित्त वर्ष 2014 से वित्त वर्ष 2024 तक 12 फीसदी राजस्व, 19 फीसदी परिचालन लाभ और 16 फीसदी शुद्ध लाभ वृद्धि का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है।

ब्रोकरेज के धीरेंद्र तिवारी की अगुआई में विश्लेषकों ने कंपनी के मजबूत ऑर्डरों के बारे में बताया है जिसने इसी अवधि में 24 फीसदी की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। इसके परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 24 के अंत में 76,000 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक ऑर्डर बैकलॉग बन गया।

हाल में शेयर की कीमतों में गिरावट के बावजूद एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने इसे गुणवत्तापूर्ण वाले रक्षा शेयर में निवेश के लिए अच्छा अवसर माना है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स की रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में बाजार में अगुआ की हैसियत है। इससे वह आकर्षक विकल्प बन जाता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि बीईएल वित्त वर्ष 24-27 के दौरान 21 फीसदी की आय वृद्धि हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उसने दीर्घकालिक संभावनाओं पर अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखा है क्योंकि कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में बढ़ोतरी के कई कारक विकसित किए हैं। कंपनी ने मजबूत बुनियादी ढांचा, सरकारी संस्थाओं के साथ मजबूत संबंध स्थापित किए हैं और वृद्धि के नए रास्ते बनाने के लिए गैर-रक्षा कारोबारों में विविधता को अंजाम दिया है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने 376 रुपये (वित्त वर्ष 27 की अनुमानित आय का 40 गुना) की लक्षित कीमत के साथ शेयर खरीद की रेटिंग बनाए रखी है।

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First Published - April 2, 2025 | 10:52 PM IST

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