भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट ऑपरेटर जीएमआर ने अपने हवाई अड्डा व्यवसाय को अलग इकाई के तौर पर सूचीबद्घ कराने का निर्णय लिया है। कंपनी के बोर्ड ने इस संबंध में उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है जिसके तहत होल्डिंग कंपनी जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर को हवाई अड्डा और गैर-हवाई अड्डा इकाइयों से अलग किया जाएगा।
कंपनी बोर्ड ने प्रतिभूतियों के निर्गम के जरिये 5,000 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत, जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर के गैर-हवाई अड्डा व्यवसायों – ऊर्जा, शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, ईपीसी सेवाओं को जीएमआर पावर ऐंड अर्बन इन्फ्रा लिमिटेड (जीपीयूआईएल) में शामिल किया जाएगा जबकि जीआईएल एक प्योर-प्ले एयरपोर्ट-ऑनिंग कंपनी होगी। यह भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्घ होने वाली पहली एयरपोर्ट कंपनी होगी।
विलय से अलग होने के बाद, जीपीयूआईएल के शेयर जीएमआर इन्फ्रा के सभी शेयरधारकों को आवंटित किए जाएंगे और जीआईएल के सभी मौजूदा शेयरधारक समान अनुपात में जीपीयूआईएल के हिस्सेदार होंगे।
हवाई अड्डा व्यवसाय की सूचीबद्घता से जीएमआर के एयरपोर्ट व्यवसाय को मदद मिलगी। यह व्यवसाय समूह के कुल राजस्व में 59.5 प्रतिशत का योगदान देता है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि एयरपोर्ट और गैर-एयरपोर्ट, दोनों व्यवसायों की अलग सूचीबद्घता से कॉरपोरेट होल्डिंग के ढांचे को सरल बनाने में भी मदद मिलेगी।
जीएमआर इन्फ्रा के एमडी एवं सीईओ किरण कुमार ग्रांधी ने कहा, ‘हाल के वर्षों में, जीआईएल एक होल्डिंग ढांचे के तहत कई व्यवसायों के साथ तेजी से बढ़ी है। शेयरधारकों ने हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर व्यवसायों के विकास की राह पर आगे बढऩे के लिए सूचीबद्घ इकाइयों का सुझाव दिया है। हम विभिन्न विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।’ कंपनी ने जिस अन्य ढांचे पर विचार किया है, वह कंपनी को तीन अलग अलग इकाइयों में शामिल करने से संबंधित है जिनमें हवाई अड्डा, ऊर्जा और राजमार्ग शामिल हैं।
जीएमआर समूह का एयरपोर्ट पोर्टफोलियो करीब 17.2 करोड़ यात्री क्षमता से जुड़ा हुआ है और उसकी विकास से संबंधित परियोजनाओं में नई दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, हैदराबाद का राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मैक्टन सेबू इंटरनैशनल एयरपोर्ट (फिलीपींस के मेगावाइड के साथ भागीदारी में) शामिल हैं, जबकि नई परियोजनाओं में गोवा में मोपा स्थित एयरपोर्ट और यूनान केहेराकलियन में अन्य हवाई अड्डा (जीईके टेर्ना के साथ भागीदारी में) शामिल है। जीएमआर एयरपोर्ट ने हाल में अपनी हवाई अड्डा इकाई में 49 प्रतिशत हिस्सा पेरिस की गु्रप एडीपी को करीब 10,780 कीरोड़ रुपये में बेचने का सौदा पूरा किया है।
हालांकि हवाई अड्डा व्यवसाय मौजूदा कोरोनावायरस महामारी की वजह से प्रभावित हुआ है, क्योंकि लॉकडाउन से हवाई अड्डों पर यात्रियों की आवाजाही बाधित हुई है और परिचालन पुन शुरू होने के बाद सुधार की प्रक्रिया बेहद धीमी है। भारतीय एयरलाइनों को कोविड-पूर्व के स्तरों के 35 प्रतिशत पर भी पहुंचने में कड़ा संघर्ष करना पड़ा है, क्योंकि यात्री सरकार द्वारा क्वारंटाइन उपायों की वजह से और वायरस से संक्रमित होने के भय से फिलहाल यात्रा से परहेज कर रहे हैं।