फिल्मों से लेकर सीरीज तक दक्षिणी क्षेत्र से जुड़ी कहानियों की बढ़ती मांग को देखते हुए जियोस्टार में अगले पांच वर्षों में अपने दक्षिण कंटेंट के लिए 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने अगले 12 महीनों में 1,500 घंटे के नए दक्षिण प्रोग्रामिंग के साथ अपनी पेशकश का भी विस्तार करना चाह रही है।
जियोस्टार के क्लस्टर एंटरटेनमेंट (दक्षिण) प्रमुख कृष्णन कुट्टी के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर दक्षिण कंटेंट के देखने के समय में करीब 70 फीसदी का इजाफा हुआ है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज दक्षिण ट्रेंड का पालन नहीं करता है, बल्कि कंटेंट के मामले में उन्हें बनाता है। दर्शक दक्षिण भारत के कंटेंट के साथ अधिक जुड़ते हैं और प्लेटफॉर्म पर पूरी सीरीज देखते हैं।
कुट्टी और जियोस्टार के सबस्क्राइबर वीडियो ऑन डिमांड (एसवीओडी) कारोबार के प्रमुख और मुख्य विपणन अधिकारी सुशांत श्रीराम ने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र जियोहॉटस्टार के सबसे मजबूत विकास इंजनों में से एक के रूप में उभरा है। कुट्टी ने कहा, ‘हम दक्षिण के दर्शकों से मिली गति को बनाए रखने और यहां तक कि उसे तेज करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। साथ ही अगले 12 से 18 महीनों में जियो हॉटस्टार पर दक्षिण से आने वाली कहानियों और विविधता को भी देखते हैं।’
श्रीराम ने कहा कि प्लेटफॉर्म कंटेंट के नए फॉर्मेट में निवेश कर रहा है, जो भारत में स्ट्रीमिंग सेगमेंट के लिए नए हैं। साथ ही, पिछले 10 महीनों में भारत के सबसे बड़े मीडिया समूह के स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने 500 से ज्यादा लेखकों, निर्देशकों और शोरनर्स के साथ सहयोग किया है। इसके अलावा, इस साल के लगभग 75 फीसदी साउथ ओरिजिनल्स ने अपना कंटेंट जियोहॉटस्टार पर लॉन्च करने का विकल्प चुना है।