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Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि सरकार को उम्मीद है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत रहेगा जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 4.4 प्रतिशत से कम है। सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि सरकार अगले वित्त वर्ष में राज्यों को टैक्स ट्रांसफर के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये देगी जबकि नेट टैक्स प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। सरकार डेट कंसॉलिडेशन के राजकोषीय विवेकपूर्ण मार्ग पर आगे बढ़ रही है जिससे 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट में अनुमानित राजकोषीय घाटा (सरकारी व्यय और आय के बीच का अंतर) सकल घरेलू उत्पाद (जीडपी) का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने अपने 2024-25 के बजट भाषण में कहा था कि 2026-27 से राजकोषीय नीति का उद्देश्य राजकोषीय घाटे को इस प्रकार नियंत्रित करना होगा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में केंद्र सरकार का कर्ज घटता रहे। वर्ष 2024 में सामान्य सरकारी ऋण-से-जीडीपी अनुपात 85 प्रतिशत रहा था जिसमें केंद्र सरकार का कर्ज 57 प्रतिशत था। भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए तीन से चार प्रतिशत का राजकोषीय घाटा एक अनुकूल माना जाता है, जिसका उद्देश्य आर्थिक विस्तार तथा वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना है।
राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण के बारे में उन्होंने कहा कि डेटेड सिक्युरिटीज से शुद्ध बाजार उधारी ₹11.7 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। शेष फंडिंग स्माल सेविंग्स स्कीम्स और अन्य स्रोतों से आने की उम्मीद है। कुल बाजार उधारी ₹17.2 लाख करोड़ आंकी गई है।