वैश्विक स्तर पर विविधीकृत प्राकृतिक संसाधन से जुड़ी कंपनी वेदांता लिमिटेड ने शुक्रवार को बताया कि उसने अपने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए एक अनूठी समावेशन नीति शुरू की है। कंपनी ने यह पहल कार्यस्थल पर सबको समान अवसर प्रदान करने और विविधता को बढ़ावा देने के प्रयास के तहत की है।
कंपनी ने बयान में कहा कि व्यापक नीति के तहत वेदांता अपने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को 30 दिनों का अवकाश ‘जेंडर’ में बदलाव से जुड़ी चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के लिए देगी। इसके अलावा इस सर्जरी के लिए दो लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता भी इन कर्मचारियों को दी जाएगी।
जेंडर पुनर्पुष्टि सर्जरी के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्ति के शरीर में एक महिला या पुरुष के रूप में शारीरिक बदलाव किए जाते हैं। वेदांता की गैर-कार्यकारी निदेशक एवं हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा, ‘वेदांता में हम सक्रियता से ऐसी संस्कृति विकसित करने में लगे हुए हैं जिसमें विविधता को पूरा स्थान दिया जाता है। इस तरह हम सभी लोगों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करते हैं। इसी क्रम में मैं कंपनी की नई समावेशन नीति की घोषणा करते हुए खुशी का अनुभव कर रही हूं।’
उन्होंने कहा, ‘इस नीति के साथ, हमारा लक्ष्य एक ऐसा वातावरण बनाना है जो न केवल ट्रांसजेंडर कर्मचारियों की विशिष्ट जरूरतों और अनुभवों को पहचानता है, बल्कि उनकी भलाई और व्यक्तिगत विकास को भी बढ़ावा देता है।’ नई नीति के फायदों के अलावा वेदांता समूह निरंतर प्रशिक्षण और कार्यशालाओं के माध्यम से विविधता, समावेश और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने में सबसे आगे रहा है।