facebookmetapixel
जीवन बीमा क्षेत्र में कमीशन की सीमा तय करने की हो सकती है सिफारिशदुर्लभ मैग्नेट, बैटरी और सोलर सेल के स्वदेशीकरण की जरूरत: सीईएटीपीजी ने आईआईएफएल कैपिटल में 20% हिस्सेदारी के लिए फिर शुरू की बातचीतकम नॉमिनल जीडीपी वृद्धि के बावजूद 4.4% फिस्कल डेफिसिट लक्ष्य संभवनॉमिनल जीवीए में तेज गिरावट से FY26 में कृषि वृद्धि कमजोरसार्वजनिक कैपेक्स के दम पर FY26 में निवेश मांग मजबूत रहने का अनुमानStocks to Watch today: Cipla से लेकर Tata Steel, Meesho और Shriram Fin तक; आज इन स्टॉक्स पर रखें नजरनिफ्टी सुस्त, लेकिन ये 3 शेयर दिला सकते हैं मुनाफा- आईटी, फार्मा और एक्सचेंज सेक्टर पर दांव लगाने की सलाहStock Market Update: शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 100 अंक टूटा; निफ्टी 26100 के नीचेबांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अफवाहों का किया खंडन, आईसीसी के अल्टीमेटम की खबरें निराधार

स्टार्टअप गुडफेलोज में टाटा करेगी निवेश, वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा सहयोग

Last Updated- December 11, 2022 | 4:36 PM IST

उद्योग जगत के दिग्गज रतन टाटा ने मंगलवार को वरिष्ठ नागरिकों को सेवा के रूप में सहयोग प्रदान करने वाले स्टार्टअप गुडफेलोज में निवेश की घोषणा की। हालांकि उन्होंने निवेश की राशि के बारे में नहीं बताया। टाटा समूह से सेवानिवृत्त होने के बाद से रतन टाटा स्टार्टअप के सक्रिय समर्थक रहे हैं।
इस नये निवेश कंपनी की स्थापना शांतनु नायडू ने की है। कॉर्नेल विश्वविद्यालय से शिक्षित 25 वर्षीय नायडू टाटा के कार्यालय में महाप्रबंधक हैं और 2018 से टाटा की सहायता कर रहे हैं। 84 वर्षीय टाटा ने नायडू के विचार की सराहना करते हुए कहा कि जब तक आप वास्तव में बूढ़े नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी बूढ़े होने का मन नहीं करता।उन्होंने आगे कहा कि एक अच्छे स्वभाव वाला साथी प्राप्त करना भी एक चुनौती है।
नायडू ने टाटा को एक बॉस, एक संरक्षक और एक मित्र के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में पांच करोड़ बुजुर्ग हैं, जो अकेले हैं। स्टार्टअप वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों के साथी के रूप में ‘काम’ करने के लिए युवा स्नातकों को काम पर रखता है। कंपनी वित्तीय राजधानी में अपने बीटा चरण में पिछले छह महीनों से 20 बुजुर्गों के साथ काम कर रही है और आगे पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में सेवाएं देने की योजना बना रही है। नायडू ने कहा कि वह पूरे देश में विस्तार करना चाहते हैं, लेकिन वह गुणवत्ता से समझौता किए बिना धीमी गति से आगे बढ़ना पसंद करेंगे।

First Published - August 16, 2022 | 4:05 PM IST

संबंधित पोस्ट