facebookmetapixel
Stock Market today: सुबह-सुबह झटका! गिफ्ट निफ्टी फिसला, बाजार की ओपनिंग पर दबाव के आसारबांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अफवाहों का किया खंडन, आईसीसी के अल्टीमेटम की खबरें निराधारकेरल के वायनाड में पेपरलेस कोर्ट की शुरुआत, AI से चलने वाला डिजिटल न्यायालय सिस्टम लागूएक्स की प्रतिक्रिया से असंतुष्ट सरकार, अश्लील सामग्री रोकने की दी चेतावनीनेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, दोनों नेताओं ने आतंक से लड़ने का संकल्प लियारविवार 1 फरवरी को आ सकता है साल 2026 का केंद्रीय बजट, CCPA ने रखा प्रस्तावNSO ने जीडीपी ग्रोथ का अपना पहला अग्रिम अनुमान जारी किया, वृद्धि दर 7.4 फीसदी रहने की आसवर्क फ्रॉम होम को अलविदा: कर्मियों को दफ्तर बुलाने पर आईटी कंपनियों का जोरइंडिगो एंटीट्रस्ट जांच के तहत सरकार ने एयरलाइंस से किराए का डेटा मांगाTata Steel का रिकॉर्ड तिमाही प्रदर्शन, भारत में कच्चा स्टील उत्पादन पहली बार 60 लाख टन के पार

पट्टा किराया न देने वाले उद्यमियों पर सख्ती

Last Updated- December 11, 2022 | 2:21 PM IST

 दिल्ली सरकार पट्टा किराया (लीज रेंट) के बकाये का भुगतान न करने वाले उद्यमियों के खिलाफ सख्त हो गई है। सरकार ने पुनर्वास योजना के आवंटियों को इस किराये के बकाया भुगतान करने के लिए 30 दिन की मोहलत दी है। इसके बाद किराया न देने वालों के आवंटन रद्द हो सकते हैं। दिल्ली में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर बनी पुनर्वास योजना के तहत करीब 22 हजार उद्यमियों को औदयोगिक भूखंड और फलेटेट फैक्टरी आवंटित हुई थी।
ये भूखंड नरेला, बवाना, भोरगढ़,झिलमिल व बादली औद्योगिक क्षेत्रों में आवंटित हुए थे। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में पुनर्वास योजना के तहत औद्योगिक भूखंड लेने वाले उद्यमियों को भूखंड की कीमत का 2.5 फीसदी पटटा किराया देना होता है। यह किराया कब्जा लेने के 5 साल बाद लागू होता है और इस किराये का भुगतान दिल्ली राज्य औद्योगिक व अवसंरचना विकास निगम को किया जाता है। ऐसा देखा जा रहा है कि बड़ी संख्या में आवंटियों ने लंबे समय से इस किराये का भुगतान नहीं किया है।          

First Published - October 2, 2022 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट