Stock Market Closing Bell, July 24: वैश्विक बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (24 जुलाई) वीकली एक्सपायरी के दिन गिरावट में बंद हुए। आईटी शेयरों में गिरावट ने ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर आशावाद को कम कर दिया। ब्रिटेन के साथ फ्री ट्रेड समझौते (FTA) के बीच निवेशक अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता पर नजर बनाए हुए हैं।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) आज मामूली बढ़त के साथ 82,779 पर ओपन हुआ। हालांकि, खुलते ही यह लाल निशान में फिसल गया। अंत में यह 542.47 अंक या 0.66 फीसदी की गिरावट लेकर 82,184.17 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी आज मामूली बढ़त के साथ खुला। शुरूआती कारोबार के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंत में यह 157.80 अंक या 0.63 प्रतिशत की गिरावट लेकर 25,062 पर बंद हुआ।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”ग्लोबल मार्केट्स में तेजी के बावजूद भारतीय शेयर बाज़ारों में आज भारी गिरावट आई और पिछली बढ़त बराबर हो गई। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को लेकर शुरुआती आशावाद की जगह सतर्क रुख अपना रहे हैं। ध्यान अब आय पर केंद्रित हो गया है। पहली तिमाही के सुस्त प्रदर्शन के कारण आईटी और एफएमसीजी क्षेत्रों ने लार्ज-कैप शेयरों को नीचे खींच लिया। हालांकि पहली तिमाही की आय मोटे तौर पर अनुकूल है। लेकिन यह प्रीमियम वैल्यूएशन को सही नहीं ठहराती। भारतीय मार्केट 21 गुना पी/ई के तीन साल के उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रहा है।”
सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज़्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में ट्रेंट, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस शामिल रहे। वहीं, इटरनल, टाटा मोटर्स, सन फार्मा, टाटा स्टील और टाइटन के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी, रियल्टी और एफएमसीजी क्रमशः 2.2 प्रतिशत, 1.04 प्रतिशत और 1.12 प्रतिशत गिरे। निफ्टी एनर्जी, बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मीडिया और तेल एवं गैस भी गिरावट के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, निफ्टी पीएसयू बैंक 1.24 प्रतिशत चढ़ा। इसके बाद फार्मा, ऑटो, मेटल और हेल्थकेयर का स्थान रहा। इसके अलावा ब्रोडर मार्केटस में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.58 प्रतिशत गिर गया। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 आज 1.09 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।
आईटी कंपनियों में कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में क्रमशः 9.4% और 7.7% की गिरावट आई। जबकि इंफोसिस के शेयरों में उनके फाइनेंशियल रिजल्ट्स के बाद 1.4% की गिरावट आई। निवेशक भारत के 283 अरब डॉलर के आईटी सेक्टर की मांग को लेकर चिंतित थे।
ग्लोबल मार्केट से संकेत अच्छे हैं। एशिया-पैसिफिक मार्केट्स में आज तेजी देखने को मिली है। अमेरिका और जापान के बीच ट्रेड डील को लेकर बनी सहमति और यूरोपियन यूनियन के साथ बातचीत में सकारात्मक संकेतों से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 1.2% की बढ़त के साथ रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया, जबकि निक्केई 1.09% ऊपर रहा। कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.6% चढ़ा है और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 फ्लैट ट्रेड कर रहा है।
अमेरिकी बाजारों में भी जबरदस्त तेजी रही। S&P 500 लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ और 6,358.91 के स्तर पर पहुंच गया। Dow Jones 507.85 पॉइंट की छलांग लगाकर 45,010.29 पर बंद हुआ। Nasdaq ने भी पहली बार 21,000 का स्तर पार किया और 21,020.02 पर क्लोज किया।