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स्वास्थ्य बीमा में वृद्धि की रफ्तार सुस्त

Last Updated- December 12, 2022 | 9:46 AM IST

महामारी के शुुरुआती महीनों में गैर जीवन बीमाकर्ताओं के स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में तेज बढ़ोतरी के बाद अब इसकी रफ्तार कम हो गई है। इससे कोविड को लेकर डर में कमी के संकेत मिलते हैं।
बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के खुदरा क्षेत्र के प्रमुख गुरदीप सिंह बत्रा ने कहा, ‘कोविड के दौरान स्वास्थ्य बीमा को लेकर चल रही शुरुआती दीवानगी अब खत्म हो गई है क्योंकि कोविड के उपचार को लेकर अस्पताल में आ रहे तत्काल खर्च को देखते हुए लोगों ने प्रतिक्रिया दी।’
स्वास्थ्य बीमा में खुदरा क्षेत्र में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्त वर्ष 2020-21 के अप्रैल नवंबर अवधि के दौरान सामान्य बीमाकर्ताओं ने खुदरा कारोबार में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की है। वहीं एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं का कारोबार 44.25 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि इस उद्योग में 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।
बहरहाल सरकार के स्वास्थ्य व विदेशी मेडिकल पोर्टफोलियो में बहुत ज्यादा संकुचन आया है। परिणामस्वरूप सामान्य बीमा के स्वास्थ्य क्षेत्र में  महज 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें सामान्य बीमा में 8 प्रतिशत और एकल बीमा में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के सेक्रेटरी जनरल एमएन शर्मा ने कहा, ‘कोविड के बावजूद हमने स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में पर्याप्त वृद्धि नहीं देखी है। इसकी संभावित वजह यह हो सकती है कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां गई हैं और संभवत: उनके पास बीमा प्रीमियम भुगतान के लिए पर्याप्त स्रोत न रहा हो।’
मैक्स बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के क्लेम, अंडरराइटिंग ऐंड प्रोडक्ट के निदेशक भावतोष मिश्र ने कहा, ‘हां, वृद्धि की रफ्तार सुस्त हो गई है और यह सुस्ती आगे भी जारी रहेगी। कोविड की शुरुआत में डर के कारण इस क्षेत्र में उल्लेखनीय तेजी आई थी। समय बीतने के साथ डर खत्म हो गया। डर के कारण तमाम लोगों ने कवल लिया, जो शुरुआती स्तर का बीमा था, न कि समग्र स्वास्थ्य बीमा।’
भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने बाजार में कोविड के लिए दो बीमा, कोरोना कवच और कोरोना रक्षक पेश किया था। ग्राहकों में इसकी व्यापक स्वीकार्यता रही, क्योंकि इनका प्रीमियम कम था।
बत्रा ने कहा, ‘मानकीकृत कोरोना कवच पॉलिसी के कारण वृद्धि हुई क्योंकि वह कोविड के उपचार की जरूरत के हिसाब से थी। इसकी भारी मांग रही, जिसकी वजह से स्वास्थ्य बीमा में वृद्धि दर्ज की गई।’
सितंबर 2020 तक 23 लाख कोविड विशेष के लिए आई पॉलिसी जारी हुई थी, जिसके तहत 1.1 करोड़ लोगों को कवर मिला, जिसमें बीमित राशि 13 लाख करोड़ रुपये के करीब थी। कोरोना कवच पॉलिसी में वरिष्ठ नागरिकों की हिस्सेदारी 7 प्रतिशत रही और 4 प्रतिशत कोरोना रक्षक व इस तरह के और बीमा के तहत आए। विशेषज्ञों का कहना है कि इन उत्पादों की वृद्धि भी सुस्त पड़ गई है।
बीमाकर्ताओं को उम्मीद है कि स्वास्थ्य बीमा को लेकर जागरूकता बढ़ी है और इसकी वजह से इस क्षेत्र में वृद्धि होगी। मिश्र ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अब नई सामान्य स्थिति होगी। जिन लोगों ने डर के कारण बीमा लिया है, वे जागरूक होंगे, और बीमा जारी रखेंगे। लेकिन इनमें से सभी ऐसा नहीं करेंगे। यह समय बताएगा कि सही मायने में यह डर कितनी जागरूकता में बदल पाता है।’
बीमाकर्ताओं के दावे के अनुभव से यह उम्मीद है कि प्रीमियम बढ़ सकता है। बीमा कंपनियों के पास 4 जनवरी तक करीब 7,80,000 कोविड दावे आए थे, जो 1.6 अरब डॉलर के थे। इनमें से 79.5 करोड़ डॉलर के करीब 6,00,000 दावों का समाधान कर दिया गया है। दावों का औसत आकार पिछले चार महीने मेंं 1.52 लाख रुपये रहा है। दिसंबर में 1,40,000 दावे आए हैं, जबकि नवंबर में 1,30,000 दावे आए थे।

First Published - January 14, 2021 | 11:09 PM IST

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