facebookmetapixel
पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों पर हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगितबैंकिंग सुधार समिति की रूपरेखा जल्द, बीमा में 100% FDI को वैश्विक दिलचस्पी: एम नागराजूविनिवेश की रफ्तार से बनेगा राजस्व का रास्ता, बजट के बाद बोलीं निर्मला सीतारमणAir India के बोइंग 787 में ईंधन नियंत्रण स्विच में खामी, लंदन-बेंगलूरु उड़ान रोकी गईEditorial: संघीय संतुलन, राज्यों की हिस्सेदारी और राजकोषीय अनुशासन की कठिन कसौटीबजट 2026-27: कर प्रोत्साहन और सख्त राजकोषीय गणित ने विकास अनुमानों की परीक्षा लीबजट 2026-27: राजकोषीय मजबूती के आंकड़ों के पीछे की कहानी और बाकी बड़े सवालबजट में बढ़ी बाजार उधारी से बॉन्ड यील्ड ऊपर, डेट म्युचुअल फंड निवेशकों को रणनीति बदलने की जरूरतSTT बढ़ाकर ₹73,700 करोड़ जुटाने का लक्ष्य, लेकिन F&O वॉल्यूम घटने से अनुमान पर उठे सवालF&O पर बढ़ा STT: आर्बिट्राज फंडों के रिटर्न पर 30-50 आधार अंक का दबाव

Budget 2026: सीमा-शुल्क सुधारों से रत्न और आभूषण उद्योग को नई रफ्तार, निर्यात और ई-कॉमर्स को मिलेगा बढ़ावा

GJC के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 रत्न और आभूषण उद्योग के प्रति एक स्थिर और संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाता है

Last Updated- February 01, 2026 | 8:07 PM IST
gold jewellery sales

Budget 2026: रत्न और आभूषण सेक्टर ने रविवार को केंद्रीय बजट को पॉजिटिव और विकास पर आधारित बताते हुए इसका स्वागत किया, और कहा कि यह मुख्य बाधाओं को दूर करने के साथ उद्योग को नई रफ्तार प्रदान करता है।

सीमा-शुल्क सुधारों से वैल्यू चेन को मिलेगी मजबूत

GJEPC के चेयरमैन किरित भंसाली ने कहा, ”हम एक सकारात्मक, विकास-केंद्रित बजट के लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं जो मुख्य बाधाओं को दूर करता है और भारत के रत्न एवं आभूषण सेक्टर को नई गति प्रदान करता है। यह नकदी की स्थिति में सुधार करता है, मैन्युफैक्चरिंग का सपोर्ट करता है और वैल्यू चेन में निर्यात को मजबूत करता है।”

Also Read: Budget 2026: लिथियम बैटरी पर सीमा-शुल्क छूट से EV इंफ्रास्ट्रक्चर को मदद मिलेगी, ऑटो इंडस्ट्री ने किया स्वागत

निर्यात और ई-कॉमर्स को मिलेगा बढ़ावा

GJEPC ने केंद्रीय बजट के सीमा शुल्क सुधारों का स्वागत किया। भंसाली ने कहा, ”विश्वास-आधारित प्रक्रियाएं, डिजिटल मूल्यांकन, और सरलीकृत मंजूरी प्रक्रिया से देरी और लागत में कमी आएगी। हम रियायती शुल्क पर SEZ से घरेलू शुल्क क्षेत्र में सीमित बिक्री की भी सराहना करते हैं। यह अमेरिकी टैरिफ और ग्लोबल मांग की अनिश्चितताओं के बीच कारखानों को निष्क्रिय क्षमता का उपयोग करने, नौकरियों की रक्षा करने और व्यापार को सुदृढ़ करने में सक्षम बनाएगा।” उन्होंने कहा कि कूरियर निर्यात पर 10 लाख रुपये की सीमा को हटाना ई-कॉमर्स के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।

टैक्स बढ़ोतरी न होने से उद्योग को राहत

अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 रत्न और आभूषण उद्योग के प्रति एक स्थिर और संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ”सीमा शुल्क या जीएसटी में किसी भी वृद्धि का न होना, निरंतर नीतिगत निश्चितता, मजबूत MSMEs एवं क्लस्टर समर्थन, व्यापार करने की आसानी के उपाय और मुकदमेबाजी को कम करने वाले आयकर सुधार मिलकर व्यापार को आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।”

कामा ज्वेलरी के फाउंडर और एमडी कॉलिन शाह ने कहा कि SEZ सुधार – मुख्य रूप से SEZ इकाइयों को रियायती शुल्क दर पर डीटीए को आपूर्ति करने के लिए एक विशेष एकमुश्त सुविधा की शुरुआत एक स्वागत योग्य कदम है।

First Published - February 1, 2026 | 7:57 PM IST

संबंधित पोस्ट