facebookmetapixel
Advertisement
चलती ट्रेन में आधी रात की गिरफ्तारी से खुला 16 करोड़ का बैंक घोटाला, इनसाइडर फ्रॉड बना नई चुनौतीक्या भारत नवाचार कर सकता है? सबसे बड़ी कंपनियों से शुरू होती है इनोवेशन की खाईAI से बढ़ सकते हैं फाइनैंशियल और साइबर रिस्क, IMF ने केंद्रीय बैंकों को निगरानी बढ़ाने की दी सलाहक्या आपका Aadhaar UAN से लिंक है? नहीं तो तुरंत करें ये कामनिर्यात के लिए इन्वेंट्री-आधारित ई-कॉमर्स में FDI को मंजूरी, एक्सपोर्ट बढ़ाने की नई पहलइंडिगो को पहली तिमाही में ₹237.6 करोड़ का घाटा, ईंधन खर्च 86% बढ़ने से बढ़ा दबावआशीष कुमार दास होंगे Infosys के नए CEO और MD, अगले साल 1 अप्रैल से संभालेंगे पद भारCrudeChem डील से बदलेगी Fineotex की तस्वीर? Choice ने BUY रेटिंग के साथ ₹51 दिया टारगेटइंफोसिस Q1 नतीजे: मुनाफा 12.2% बढ़कर ₹7,769 करोड़; राजस्व में 14% इजाफामाल ढुलाई पर रेलवे का बड़ा प्लान, 10 साल 40% हिस्सेदारी हासिल करने की तैयारी

भारतीय कंपनियों के रूसी प्रतिबंधों की अनदेखी करने का कोई प्रमाण नहीं : अमेरिका

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 4:21 PM IST

 भारतीय कंपनियों ने यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार कर दिया, ‘इस बात कोई प्रमाण नहीं’ है। अमेरिका के उप वित्त मंत्री वैली अडेयेमो ने बुधवार को यह बात कही। अडेयेमो ने यहां आईआईटी-बंबई की यात्रा के दौरान पत्रकारों से कहा कि मैंने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाली भारतीय कंपनियों के कोई सबूत नहीं देखे हैं। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका और यूरोप समेत दुनियाभर की कंपनियां प्रतिबंधों को गंभीरता से ले रही हैं और उन्हें लागू भी कर रही हैं। 

यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के कुछ दिनों बाद आई है। जिनमें रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा के हवाले से कहा गया है । अमेरिका इस बात से चिंतित है कि उसके द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए रूसी कच्चे तेल से बने ईंधन का निर्यात करने के लिए भारत का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पात्रा के अनुसार- रूसी कच्चे तेल का स्थानांतरण ऊंचे समुद्रों पर हो रहा है और जहाज गुजरात के एक बंदरगाह पर आते हैं। जहां तेल को परिष्कृत करके भेज दिया जाता है। 

बुधवार को अपनी तीन दिन की यात्रा शुरू करने वाले अडेयेमो ने कहा कि वह भारतीय अधिकारियों के साथ अपनी बातचीत में रूस और यूक्रेन के साथ-साथ द्विपक्षीय विषयों पर चर्चा करेंगे। देश की आर्थिक राजधानी में दो दिन बिताने के बाद अडेयेमो का नई दिल्ली की यात्रा का भी कार्यक्रम है। उनकी यात्रा से पहले अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा था कि वह ‘ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, दुनियाभर में खाद्य असुरक्षा और धन के अवैध प्रवाह से निपटने जैसी अहम साझा प्राथमिकताओं पर बात करेगे।
 

Advertisement
First Published - August 24, 2022 | 3:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement