facebookmetapixel
Market This Week: FIIs की बिकवाली और सुस्त नतीजों से सहमा बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी 2.5% टूट; निवेशकों के ₹16 लाख करोड़ डूबेJSW Steel Q3 Results: मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़कर ₹2,400 करोड़ के पार, कुल आय ₹46,264 करोड़ परसुकन्या समृद्धि योजना के 11 साल पूरे! कैसे इसकी मदद से आप अपनी बेटी के लिए ₹72 लाख का फंड बना सकते हैं?Budget 2026: मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस से लेकर MSME तक; उद्योग जगत इस साल के बजट से क्या चाहता है?Cipla Q3FY26 Results: मुनाफा 57% घटकर ₹676 करोड़, अमेरिकी कारोबार में कमजोरी से झटका; शेयर 3.7% फिसलेZerodha के इस म्युचुअल फंड से अब मिनटों में निकाल सकेंगे पैसा, शुरू हुई 24×7 इंस्टेंट विदड्रॉल सुविधाअदाणी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट, अमेरिका से आई खबर ने मचाई खलबली; 9% तक लुढ़केगौतम अदाणी पर अमेरिकी शिकंजा: समन न पहुंचा तो SEC ने अदालत से मांगी वैकल्पिक अनुमतिगोल्ड सिल्वर रेशियो ने दिया संकेत, क्या चांदी की तेजी अब थकने वाली है? एक्सपर्ट्स से समझिए42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफा

US के वित्त मंत्री ने चेताया, जल्द आ सकती है मंदी, वॉरेन बफेट ने भी बैंको के आर्थिक संकट की आंशका जताई

Last Updated- May 08, 2023 | 9:43 AM IST
जापान और यूनाइटेड किंगडम की अर्थव्यवस्था में मंदी और वैश्विक खतरे, Editorial: Recession and global threats in the economy of Japan and United Kingdom

अमेरिका में बड़े बैंकों पर ताला लगने के बाद से ही शेयर बाजार में छोटे बैंकों पर भी असर दिखना शुरू हो गया है। शेयरों बाजार में छोटे बैंकों में लगातार भारी बिकवाली देखने को मिल रही है।

अमेरिका के आर्थिक हालात को लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स से लेकर अर्थशास्त्री भी चिंता जाहिर कर रहे हैं।

हाल ही में अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन और दूसरा दुनियाभर में शेयर मार्केट गुरु के नाम से फेमस दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने भी अमेरिका के आर्थिक हालात को लेकर चिंता जाहिर की है।

अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने अमेरिका को लेकर एक बार पहले भी चेताया था अब दोबारा उन्होंने फिर से चेतावनी दी है। इस बार उन्होंने कहा है कि अमेरिका में ‘गंभीर आर्थिक मंदी’ आने की कगार पर है।
येलेन का कहना है कि कर्ज सीमा को बढ़ाने में असफल रहने से अमेरिका में गंभीर आर्थिक मंदी आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो हालात है उसके अनुसार जून तक कर्ज की सीमा को पार कर सकता है। इससे टैक्स कलेक्शन में गिरावट आएगी और इस कारण से कर्ज बढ़ेगा। उन्होंंने सुझाया कि इस “आर्थिक आपदा” की स्थिति से बचने के लिए अमेरिकी संसद को से बचने के लिए कार्रवाई करने की जरूरत है।

वहीं बैंकिंग सिस्टम को लेकर दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी बैंकों को आगे और अधिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, बैंकों में डिपॉजिट सुरक्षित है।’ बफेट ने आगे ये भी कहा कि ऐसा ही रहा तो बैंकिंग सिस्टम अस्थायी रूप से ठप भी हो सकता है।

First Published - May 8, 2023 | 9:43 AM IST

संबंधित पोस्ट