facebookmetapixel
Advertisement
Wipro Q1FY27 results: मुनाफा ₹3,356 पर स्थिर, रेवेन्यू 11% बढ़ा; ₹2 के डिविडेंड का ऐलानUS-Iran तनाव बढ़ने से गोल्ड की सेफ हैवेन डिमांड लौटेगी? क्रूड, फेड के फैसले कैसे डालेंगे असरCBDT ने FY27 के लिए CII बढ़ाकर 384 किया, 1 अप्रैल 2026 से टैक्स कैलकुलेशन के लिए होगा लागूMarket Strategy: मानसून सुधरा, अब कौन से शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई? एक्सपर्ट ने बताए टॉप सेक्टरUnion Bank पर अब क्या करें निवेशक? Q1 रिजल्ट के बाद 5 ब्रोकरेज ने बताया आगे का रास्ताPaytm: पहली बार बोनस शेयर देने की तैयारी, 20 जुलाई को फैसला; ब्रोकरेज ने स्टॉक पर दी BUY की सलाहBUY, ADD या REDUCE? Q1 के बाद ICICI Prudential Life और ICICI Lombard पर क्या बोले ब्रोकरेजSouth Indian Bank Q1 Results: जून तिमाही में 17% बढ़ा मुनाफा, NII में 23% की छलांग; NPA घटाकिरायेदारों के ₹1.26 लाख करोड़ सिक्योरिटी डिपॉजिट में फंसे, नोब्रोकर की रिपोर्ट में Gen Z पर बड़ा खुलासाWest Asia संकट का असर: 2026 की दूसरी तिमाही में घटी इंडस्ट्रियल व वेयरहाउसिंग डिमांड

इन्हें रास आ रहा है किराए का आशियाना…

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:25 PM IST

दशकों तक अमेरिका में लोगों को घर खरीदना वित्तीय सुरक्षा देने वाला एक कदम नजर आता था। पर घरों की कीमतों में गिरावट आने के बाद से अब देश में खरीदारों को किराए के घरों में रहना ज्यादा भा रहा है। ऐसे लोग जो कुछ समय में अपना पहला घर खरीदने की योजना बना रहे थे, उन्होंने भी अपनी इस योजना को फिलहाल टाल दिया है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इन परिस्थितियों में लाभ कमाने की जुगत में हैं। जिनके पास पहले से खुद के मकान हैं वे दूसरे लोगों को किराए पर अपने घर दे रहे हैं। ऐरिजोना में रहने वाली लीसा चेसनट जो पेशे से सिस्टम कॉडिनेटर हैं, काफी समय से अपना पहला मकान खरीदने की तैयारी में थीं। नए घर को खरीदने को लेकर उनका पूरा परिवार कुछ समय पहले तक काफी उत्साहित था, पर पिछले एक वर्ष के दौरान बाजार में आई गिरावट से उनकी योजना को धक्का लगा है। लीसा ने कहा, ”पहले हमें लगा कि कीमतें गिर रही हैं तो यह अच्छा है। हम खुश हो गए थे।” उन्होंने कहा कि बाद में उन्होंने पढ़ा कि घरों को ऋण देने वाले अपने कब्जे में ले रहे हैं और काफी तादाद में लोगों को अपना घर खोना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एडजस्टेबल रेट मॉर्गेजेस(एआरएम) से लोगों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, ”हमने सोचा कि हमें ऐसे माहौल में घर नहीं खरीदना चाहिए जब घर के खोने का खतरा बना हुआ हो।” ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका में ज्यादातर लोग जिनके अपने घर नहीं हैं वे फिलहाल किराए के मकानों में रहना पसंद कर रहे हैं। किराए के मकानों में रहने वाले अधिकतर लोगों ने पिछले साल अपने ठिकानों में फेरबदल नहीं की है। शिकागो की एक कंपनी में संपत्ति प्रबंधन के अध्यक्ष फ्रेड टुओमी ने कहा, ”पूरे वर्ष 2007 के दौरान घरों की खरीदारी में लोग अनिच्छुक दिखे। घरों के खरीदारों की संख्या तेजी से घट रही है।” नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिएल्टर्स के अनुसार घरों की कीमतों के इस उतार चढ़ाव के बीच एक ऐसा तबका भी है जो न तो घरों को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहा है और न ही अपने मकानों को किराए पर देने में उसकी कोई रुचि है। एनएआर के प्रवक्ता वाल्टर मोलोनी ने कहा, ”सात से आठ लाख लोग ऐसे हैं जो इस बाजार से फिलहाल दूरी बनाए हुए हैं।” ऐसे समय में जो सबसे दिलचस्प स्थिति उभर कर सामने आ रही है वह यह है कि कुछ लोग जो अब तक अपने माता पिता के साथ रहना पसंद नहीं करते थे, वे अब उनके साथ रहने की जुगाड़ में हैं। साथ ही ऐसे भी लोगों की संख्या बढ़ी है जो पहले तो अकेले रहते थे, पर अब वे भी अपने किसी मित्र के साथ एक ही कमरे में रहने लगे हैं। यूं तो अमूमन अमेरिका में अधिकांश परिवार अलग रहना ही पसंद करते हैं पर बदलते हालात में अब उनके पास भी साथ रहने के अलावा कोई और चारा नहीं है। वर्ष 2007 की चौथी तिमाही में एकल परिवारों की संख्या में 6 फीसदी की गिरावट आई है। अमेरिकाना मॉर्गेज समूह के अध्यक्ष बॉब मुल्टन ने कहा, ”ऐसे लोग जो पहली बार घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, वे काफी भयभीत हैं।” उन्होंने देख रखा है कि बाजार के हालात कैसे रहे हैं और उनमें कितनी गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि हर कोई बस यही सुझाव दे रहा है कि अभी घर खरीदने का सही समय नहीं है, लोगों को लगता है कि कीमतें अभी और नीचे जा सकती हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की यही सलाह है कि अगर कोई खरीददार अभी घर खरीदता है तो उसे कम से कम पांच छह वर्षों तक उसमें रहना चाहिए। उसे इस बात से विचलित होने की जरूरत नहीं है कि तत्काल कीमतों में कितना उतार या चढ़ाव हो रहा है। कुछ लोगों को तो यह चिंता भी सता रही है कि उन्होंने पहले जितनी कीमत पर घर को खरीदा था, अगर वे अभी इसे बेचते हैं तो उन्हें घर की उचित कीमत नहीं मिल सकेगी।

Advertisement
First Published - March 3, 2008 | 7:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement