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अफगानिस्तान में तालिबान सरकार

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Last Updated- December 12, 2022 | 1:16 AM IST

तालिबान ने कार्यवाहक सरकार के मंत्रिमंडल की घोषणा मंगलवार को कर दी जिसमें समूह के पुराने चेहरों को जगह दी गई है। इसमें अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन और अफगान सरकार के सहयोगियों के खिलाफ 20 साल तक चली जंग में दबदबा रखने वाले तालिबान की शीर्ष हस्तियों को शामिल किया गया है।
तालिबान के पिछले शासन के अंतिम वर्षों में मुल्ला हसन अखुंद ने अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर काबुल में तालिबान की सरकार का नेतृत्व किया था जिन्हें अफगानिस्तान के नए प्रमुख के रूप में नामित किया गया है। अमेरिका के साथ वार्ता का नेतृत्व करने वाले मुल्ला गनी बरादर को अखुंद का उप प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। बरादर ने अमेरिका के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत अमेरिका पूरी तरह अफगानिस्तान से बाहर निकल गया था। 

इस सरकार में गैर-तालिबानियों को जगह दिए जाने की कोई जानकारी नहीं मिली है। दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के अध्यक्ष मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और मुल्ला अब्दुल सलाम तालिबान की नई सरकार में मुल्ला हसन के उप प्रमुख के रूप में काम करेंगे। इससे पहले पाकिस्तान के अखबार ‘द न्यूज इंटरनैशनल’ ने कई स्रोतों का हवाला देते हुए बताया था कि काबुल में नई सरकार ईरान के नेतृत्व की तर्ज पर बनेगी, जिसमें समूह के शीर्ष धार्मिक नेता मुल्ला हेबतुल्लाह अफगानिस्तान के सर्वाेच्च अधिकारी होंगे।
कौन हैं नए प्रमुख 

मुल्ला हसन तालिबान के शुरुआती स्थल कंधार से ताल्लुक रखते हैं और सशस्त्र आंदोलन के संस्थापकों में से हैं। उन्होंने रहबरी शूरा के प्रमुख के रूप में 20 साल तक काम किया और मुल्ला हेबतुल्लाह के करीब माने जाते हैं। उन्होंने 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान में तालिबान की पिछली सरकार के दौरान विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था। 
काबुल में प्रदर्शन

पंजशीर में हवाई हमलों के खिलाफ काबुल की सड़कों पर मंगलवार को प्रदर्शन हुए जिनमें महिलाएं भी शामिल थी। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों से पंजशीर प्रांत में हवाई हमले किए गए हैं। इस प्रदर्शन रैली को तितर-बितर करने के लिए तालिबान लड़ाकों ने गोलीबारी की और प्रदर्शन को कवर कर रहे कई अफगान पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया। यह जानकारी चश्मदीदों और अफगान मीडिया ने दी है। काबुल में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास के सामने पाकिस्तान के आंतरिक मामले में पाकिस्तान के कथित हस्तक्षेप के खिलाफ प्रदर्शन हुए।  जिन पत्रकारों को हिरासत में लिया गया था और बाद में रिहा किया गया उनमें से एक अफगान पत्रकार ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उसे तालिबान ने सजा दी। 
उड़ान पर रोक नहीं 

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि उनका विभाग काबुल से अतिरिक्त चार्टर उड़ानों की व्यवस्था के लिए तालिबान के साथ काम कर रहा है ताकि वे लोग अफगानिस्तान से निकल सकें। विदेश मंत्री ने कहा कि तालिबान ने उन सबको सुरक्षित निकासी का आश्वासन दिया है जिनके पास वैध वीजा और पासपोर्ट है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अब भी करीब 100 अमेरिकी नागरिक जहां-तहां हैं।

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First Published - September 7, 2021 | 11:34 PM IST

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