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श्रीलंका: महिंदा राजपक्षे नौसेना अड्डे पर सुरक्षा घेरे में

Last Updated- December 11, 2022 | 7:05 PM IST

श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को त्रिंकोमाली स्थित नौसेना अड्डे पर ले जाया गया है जहां वह सुरक्षा घेरे में हैं। रक्षा मंत्रालय के सचिव कमल गुणरत्ने ने बुधवार को यह जानकारी दी। देश में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल बख्तरबंद वाहनों में गश्त लगा रहे हैं। श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने सेना, वायुसेना और नौसेना कर्मियों को सार्वजनिक संपत्तियों को लूटने या दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को गोली मारने का मंगलवार को आदेश दिया था। श्रीलंका अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इससे निपटने में सरकार की विफलता को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बीच 76 वर्षीय महिंदा को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। इस बीच विपक्षी दल उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) नेता महिंदा 2005 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति थे और उस दौरान उन्होंने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ क्रूर सैन्य अभियान चलाया था। इस हमले के बाद देशभर में राजपक्षे समर्थक नेताओं के खिलाफ व्यापक हिंसा शुरू हो गई। झड़पों में दो पुलिस अधिकारियों समेत नौ लोगों की मौत हो गई है जबकि 250 से अधिक लोग घायल हो गए। वहीं सत्ताधारी पार्टी के कई नेताओं की संपत्तियों को भी आग लगा दी गई। गुणरत्ने ने एक डिजिटल ब्रीफिंग में संवाददाताओं को बताया कि महिंदा राजपक्षे को सुरक्षित तरीके से निकाल कर त्रिंकोमाली नौसैनिक अड्डे पर ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि महिंदा राजपक्षे को कोलंबो में उनके ‘टेंपल ट्रीज’ आवास से सुरक्षित निकालकर त्रिंकोमाली स्थित नौसेना अड्डे ले जाया गया है।
गुणरत्ने ने कहा, ‘हमने देखा कि कैसे उन्होंने (प्रदर्शनकारियों) उस रात ‘टेंपल ट्रीज’ के अंदर घुसने की कोशिश की और हमने उन्हें रोका।’ उन्होंने कहा कि महिंदा राजपक्षे को वहां तब तक रखा जाएगा, जब तक स्थिति में सुधार नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि इसके बाद वह जहां जाना चाहेंगे, वहां जा सकते हैं। महिंदा राजपक्षे ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उससे पहले उनके समर्थकों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमले किए थे और अधिकारियों ने पूरे देश में कफ्र्यू लगा दिया था। इस बीच राजधानी में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैनिकों और सैन्य वाहनों को सड़कों पर तैनात कर दिया गया। समाचार पोर्टल ‘न्यूज फस्र्ट’ की खबर के अनुसार, कोलंबो और उपनगरों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना के विशेष बलों को भी तैनात किया गया है।

श्रीलंका में सैन्य शासन नहीं होगा: रक्षा सचिव
रक्षा सचिव गुणरत्ने ने कहा, ‘श्रीलंका में कभी भी सैन्य शासन नहीं होगा, मैं यह जिम्मेदारी के साथ कहता हूं।’ उन्होंने यह टिप्पणी मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक संकट के बीच सेना की बढ़ती भूमिका को लेकर चिंताओं के बीच की है। तीन बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके महिंदा के घर में सोमवार को आग लगा दी गई थी। अपनी पत्नी और परिवार के साथ महिंदा ने अपना आधिकारिक निवास ‘टेंपल ट्रीज’ छोड़ दिया था और त्रिंकोमाली में नौसैनिक अड्डे पर शरण ली। पुलिस ने सोमवार की रात ‘टेंपल ट्रीज’ में घुसने की कोशिश कर रही भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। मंगलवार तड़के पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और हवा में गोलियां चलाईं वहीं सुरक्षा बल महिंदा और उनके परिवार को उनके आधिकारिक आवास से निकाल कर बाहर ले गए।  
मुख्य सुरक्षा अधिकारी तलब, बयान दर्ज
इस बीच श्रीलंकाई पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के मुख्य सुरक्षा अधिकारी को बुधवार को तलब किया और देश में हिंसक झड़प की घटनाओं को लेकर उनका बयान दर्ज किया। अपराध जांच विभाग ने गाले फेस में हुई घटना को लेकर बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के मुख्य सुरक्षा अधिकारी का बयान दर्ज किया।  

बातचीत जारी रखेगा आईएमएफ
इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा कि वह कर्ज में डूबे श्रीलंका के साथ तकनीकी स्तर की बातचीत जारी रखेगा, ताकि नई सरकार बनने के बाद नीतिगत चर्चा शुरू की जा सके। समाचार पोर्टल ‘कोलंबो गजट’ के अनुसार आईएमएफ ने कहा कि वह अपनी नीतियों के अनुरूप श्रीलंका की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। आईएमएफ ने कहा, ‘अभी 9-23 मई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए तकनीकी स्तर पर चर्चा शुरू हुई है और यह चर्चा तय योजना के अनुसार जारी है, ताकि नई सरकार बनने के बाद नीतिगत चर्चा की पूरी तैयारी रहे।’    

First Published - May 11, 2022 | 11:20 PM IST

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