facebookmetapixel
Advertisement
तेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडर

कनाडा ने PM मोदी को G7 बैठक में किया आमंत्रित, कहा- भारत आर्थिक महाशक्ति, नजरअंदाज नहीं कर सकते

Advertisement

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत की आर्थिक शक्ति देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को अल्बर्टा G7 शिखर सम्मेलन 2025 में आमंत्रित किया, संबंधों में सुधार की उम्मीद।

Last Updated- June 07, 2025 | 8:39 PM IST
Mark Carney
कनाडा के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री मार्क कार्नी | फाइल फोटो

कनाडा के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस महीने अल्बर्टा में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। कार्नी ने भारत की आर्थिक ताकत को इस न्योते की मुख्य वजह बताया। यह कदम भारत और कनाडा के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है, जो पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में तनावपूर्ण हो गए थे।

कार्नी ने शुक्रवार को ओटावा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “G7 की अध्यक्षता करते हुए, हमें उन देशों को आमंत्रित करना जरूरी है जो वैश्विक मुद्दों जैसे ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा के लिए अहम हैं। भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के केंद्र में है।” उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश और चौथा सबसे बड़ा अर्थतंत्र होने के नाते भारत को G7 की मेज पर जगह मिलनी चाहिए।

Also Read: कनाडा का बड़ा निवेश! NHAI की टोल सड़कों के लिए आएंगे 2,080 करोड़ रुपये

ट्रूडो कार्यकाल में तनावपूर्ण रहे थे संबंध

भारत और कनाडा के बीच संबंध 2023 में उस समय खराब हो गए थे, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा में रहने वाले खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” संलिप्तता का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को “बेतुका” और “प्रेरित” बताकर खारिज कर दिया था। जब कार्नी से निज्जर मामले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 

उन्होंने कहा, “कनाडा में इस मामले में कानूनी प्रक्रिया चल रही है, और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।” हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि दोनों देशों ने कानून प्रवर्तन पर “निरंतर संवाद” बनाए रखने पर सहमति जताई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट में इस न्योते की पुष्टि की। उन्होंने कार्नी को उनकी चुनावी जीत पर बधाई दी और दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों की उम्मीद जताई। मोदी ने लिखा, “भारत और कनाडा, जीवंत लोकतंत्रों के रूप में, आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर मिलकर काम करेंगे। मैं कनानास्किस में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात के लिए उत्सुक हूं।” 

G7 शिखर सम्मेलन में मेहमान देशों को आमंत्रित करना आम बात है। कनाडा ने इस बार भारत के अलावा यूक्रेन और ऑस्ट्रेलिया को भी न्योता दिया है। भारत को 2019 से नियमित रूप से G7 में आमंत्रित किया जाता रहा है। 2020 को छोड़कर, पीएम मोदी हर बार इसमें शामिल हुए हैं, क्योंकि महामारी के कारण उस साल शिखर सम्मेलन रद्द हो गया था।

Advertisement
First Published - June 7, 2025 | 8:15 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement