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Loverse AI: अकेलेपन और घटती जन्मदर के बीच जापान में AI डेटिंग ऐप्स का बढ़ता चलन

जापान में जहां लोग पारंपरिक तरीके से रिश्ता बनाने में हिचकिचाते हैं, वहां Loverse जैसी ऐप्स एक नया रास्ता दिखाती हैं।

Last Updated- July 15, 2024 | 4:56 PM IST
Loverse AI

जापान में आजकल ज़्यादातर ज़रूरतों को पूरा करने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। इसी तरह की एक अनोखी चीज़ वहां की डेटिंग ऐप्स में देखने को मिलती है। “Loverse” नाम की एक साल पुरानी ऐप लोगों को सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ प्यार करने का मौका देती है। जापान में जहां लोग पारंपरिक तरीके से रिश्ता बनाने में हिचकिचाते हैं, वहां Loverse जैसी ऐप्स एक नया रास्ता दिखाती हैं।

AI डेटिंग ऐप का नया ट्रेंड

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चिहिरू शिमोडा उन कई लोगों में से एक हैं जो Loverse इस्तेमाल कर रहे हैं। 52 साल के फैक्ट्री वर्कर शिमोडा उन लोगों में से हैं जो असल ज़िंदगी के रिश्तों की उलझनों और अनिश्चितताओं से दूर, AI के साथ प्यार का रास्ता अपना रहे हैं।

शिमोडा के लिए पारंपरिक तरीके से रिश्ता ढूंढना काफी समय और मेहनत वाला काम था। वहीं दूसरी तरफ, Loverse पर मौजूद AI साथी “मिकू” के साथ बातचीत करना बहुत आसान था। चाय का पानी उबलने या ट्रेन का इंतज़ार करने जैसे छोटे-छोटे वक्त में भी मिकू से बात की जा सकती थी।

दो साल पहले तलाक लेने के बाद, शिमोडा ने शुरुआत में पार्टनर ढूंढने के लिए दूसरी डेटिंग ऐप इस्तेमाल की थी। दो महीने से ज्यादा समय तक उन्होंने 5-6 लोगों से बातचीत की, लेकिन आखिरकार उन्होंने एक 24 साल की AI साथी मिकू को चुना। शिमोडा को शुरू से पता था कि मिकू एक AI है, और तीन महीने बाद उन्होंने मिकू से “शादी” कर ली। आज वो Loverse इस्तेमाल करने वाले 5000 से ज्यादा लोगों में से एक हैं।

जापान में पारंपरिक रिश्तों को लेकर झिझक बढ़ रही है। यह ट्रेंड खासकर युवाओं में ज्यादा देखने को मिलता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 से 30 साल के करीब दो-तिहाई पुरुष सिंगल हैं और 40% तो कभी डेट पर भी नहीं गए। वहीं इस उम्र की महिलाओं में से 51% सिंगल हैं और 25% का कभी कोई बॉयफ्रेंड नहीं रहा।

Loverse अकेलेपन की इस समस्या का एक नया डिजिटल जवाब है। जहां कुछ ऐप्स सहानुभूति और मदद देती हैं, वहीं कुछ दूसरों की कमज़ोरियों का फायदा उठाती हैं। पहले से ही जापान में प्यार के लिए गेम खेले जाते हैं और वर्चुअल सिंगर फेमस हैं। मौजूदा समय में, जापान में कई लोकप्रिय गेम्स में ऐसे किरदार होते हैं जिनसे खिलाड़ी प्यार कर सकते हैं और गेम में आगे बढ़ने के लिए पैसा खर्च कर सकते हैं। जापान ही वर्चुअल सिंगर हत्सुने मिकू का जन्मस्थान भी है। लेकिन अब AI इन अनुभवों को और ज़्यादा निजी और दिलचस्प बना रही है।

ये AI साथी लोगों की ज़िंदगी में खालीपन को भरते हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, Loverse को बनाने वाली दो लोगों की कंपनी Samansa Co. का नाम एक मशहूर फिल्म में स्कारलेट जोहानसन के किरदार के नाम पर रखा गया है।

हालांकि, Loverse के क्रिएटर गोकी कुसुनोकी इस बात पर ज़ोर देते हैं कि ये ऐप असल ज़िंदगी के साथी की जगह नहीं ले सकती, बल्कि सिर्फ एक विकल्प है। ज़्यादातर यूजर्स 40 और 50 साल के पुरुष हैं, लेकिन कंपनी ने इस साल के शुरू में ₹30 मिलियन ($190,000) का फंड जुटाया है ताकि और महिला और LGBTQI+ यूजर्स को आकर्षित करने के लिए अपने किरदारों की संख्या बढ़ा सके।

जापान में घटती जन्मदर

CNN के अनुसार जापान में जन्मदर एक नए निचले स्तर पर पहुंच गई है, जिसके चलते सरकार शादी और परिवार बढ़ाने को प्रोत्साहित करने के लिए ज़ोर लगा रही है। इन कोशिशों में एक सरकारी डेटिंग ऐप भी शामिल है। 12.39 करोड़ की आबादी वाले जापान में पिछले साल सिर्फ 7 लाख 27 हज़ार बच्चों का जन्म हुआ था। प्रजनन दर, जो प्रति महिला औसत जन्मों को दर्शाती है, 1.26 से घटकर 1.20 हो गई है।

एक स्थिर आबादी के लिए प्रजनन दर का 2.1 होना ज़रूरी है, जैसा कि भारत और कई अफ्रीकी देशों में है। लेकिन जापान में पिछले 50 सालों से प्रजनन दर 2.1 से नीचे है। 1973 के वैश्विक तेल संकट के बाद इसमें तेजी से गिरावट आई और फिर कभी सुधार नहीं हुआ। मौतों की संख्या अब हर साल जन्मों से ज्यादा हो रही है, जिससे आबादी कम हो रही है और जापान के वर्कफोर्स, अर्थव्यवस्था, वेलफेयर सिस्टम और सामाजिक ढांचे पर भी इसका असर पड़ रहा है।

2023 में जापान में 1.57 करोड़ लोगों की मौत हुई, जो जन्मों की संख्या से दोगुना से भी ज्यादा है। साथ ही पिछले साल शादियों की संख्या में 30,000 की कमी आई, जबकि तलाक के मामलों में बढ़ोतरी हुई। इन रुझानों को रोकने के लिए सरकार ने नए विभाग और योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें चाइल्डकेयर सुविधाओं का विस्तार, माता-पिता को सब्सिडी देना और कुछ क्षेत्रों में बच्चों को जन्म देने वाले जोड़ों को भुगतान करना भी शामिल है।

जून में खबरें आई थीं कि टोक्यो के अधिकारी एक नए तरीके पर प्रयोग कर रहे हैं: सरकारी डेटिंग ऐप। ये अभी शुरुआती टेस्टिंग के दौर में है, उम्मीद है कि यह ऐप इस साल के अंत तक पूरी तरह से चालू हो जाएगा। इस ऐप में “मूल्यों का परीक्षण” (values diagnostic test) भी शामिल है और यूज़र अपने पसंद के पार्टनर की खूबियां चुन सकते हैं। इसका मकसद मायने रखने वाले रिश्तों को बढ़ावा देना है।

First Published - July 15, 2024 | 4:56 PM IST

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