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दुनिया भर में उपलब्ध होगा को-विन

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Last Updated- December 12, 2022 | 3:01 AM IST

भारत कोविड-19 टीकाकरण अभियान में उपयोग किए जाने वाले अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को-विन या कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क को दुनिया के सभी देशों को उपलब्ध कराएगा। ऐसा संभवत: पहली बार होगा जब कोई देश अपने सार्वजनिक क्षेत्र की पहल द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म को दुनिया भर को मुहैया कराएगा।
को-विन वैश्विक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि सॉफ्टवेयर एक ऐसा क्षेत्र है जहां संसाधनों का दबाव नहीं है। महामारी के खिलाफ लड़ाई में प्रौद्योगिकी के महत्त्व पर जोर डालते हुए मोदी ने कहा कि भारत अपना कोविड ट्रैकिंग ओर ट्रेसिंग ऐप आरोग्य सेतु को जल्द ही ओपन सोर्स के तहत उपलब्ध कराएगा क्योंकि ऐसा करना तकनीकी रूप से व्यवहार्य है। उन्होंने कहा कि करीब 20 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ आरोग्य सेतु ऐप डेवलपरों के लिए आसानी से उपलब्ध पैकेज की तरह है और इसे वास्तविक तौर पर व्यापक स्तर पर परखा जा चुका है। भारत ने इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 35 करोड़ से ज्यादा टीके की खुराक का प्रबंधन किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस महामारी ने कई लोगों को इस सिद्घांत की बुनियादी हकीकत का अहसास कराया है। यही वजह है कि हम अपने कोविड टीकाकरण के प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म – को-विन को ओपन सोर्स के तौर पर उपलब्ध कराएंगे। यह जल्द ही दुनिया के सभी देशों के लिए उपलब्ध होगा।’ इस सॉफ्टवेयर को कोई भी देश अपनी स्थानीय जरूरतों के हिसाब से परिवर्तित कर सकता है।
इस सम्मेलन में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, गुयाना, एंटिगा सहित 142 देशों के प्रतिनिधि शामिल थे। इन देशों ने अपने यहां कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए को-विन को अपनाने की इच्छा जताई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वद्र्घन ने कहा, ‘को-विन हमारी डिजिटल इंडिया पहल के ताज का नगीना है। दुनिया की बड़ी आबादी के टीकाकरण में सुगमता और पारदर्शिता के साथ सुविधा प्रदान कर यह प्लेटफॉर्म इतिहास रचेगा।’ राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और कोविन प्लेटफॉर्म के मुख्य कार्याधिकारी आर एस शर्मा ने कहा कि को-विन दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता तकनीकी प्लेटफॉर्म में से एक है।
को-विन इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क ईविन का विस्तार है, जिसका उपयोग टीकाकरण कार्यक्रमों में वास्तविक समय में आंकड़े जुटाने में किया जाता है। कोविड भारत में कोविड-19 टीकाकरण की योजना, क्रियान्वयन, निगरानी और आकलन के लिए क्लाउड आधारित आईटी समाधान है। यह प्लेटफॉर्म न केवल वास्तविक समय में टीकाकरण की जानकारी देता है बल्कि टीके की बरबादी और कवरेज पर भी नजर रखता है।
शर्मा ने कहा कि को-विन दुनिया का सबसे तेजी से विकास करने वाला तकनीकी प्लेटफॉर्म है और महज चार महीने में इस पर 20 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया है। पांच महीने में इस पर 30 करोड़ लोग पंजीकरण करा चुके हैं, जो एक और रिकॉर्ड है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आखिरकार लोग इसका प्रमाण दे सकें कि वे टीका लगवा चुके हैं। ऐसे प्रमाण सुरक्षित और विश्वसनीय होने चाहिए। इसके साथ ही लोगों के पास इसका विवरण होना चाहिए कि उन्हें कब, कहां और किसने टीका लगाया है।’

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First Published - July 5, 2021 | 10:59 PM IST

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