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केजरीवाल का बयान भारत का नहीं

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:40 AM IST

सिंगापुर में कोरोनावायरस के कथित नए स्वरूप के मद्देनजर वहां उड़ान रद्द करने संबंधी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी पर सिंगापुर सरकार की आपत्ति के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में दोनों देश मजबूत साझेदार हैं और दिल्ली के मुख्यमंत्री की टिप्पणी भारत का बयान नहीं है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘सिंगापुर और भारत कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मजबूत भागीदार रहे हैं। परिवहन एवं आपूर्ति केंद्र और ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता के रूप में हम सिंगापुर की भूमिका की सराहना करते हैं।’ उन्होंने कहा कि हमारी मदद के लिए सैन्य विमान तैनात करने का उनका भाव हमारे अभूतपूर्व संबंधों को स्पष्ट करता है। जयशंकर ने कहा, ‘कुछ लोगों के गैर-जिम्मेदाराना बयान से हमारी दीर्घकालिक साझेदारी को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए मैं स्पष्ट कर देता हूं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री का बयान पूरे भारत का बयान नहीं है।’
इससे पहले सिंगापुर के विदेश मंत्री वी बालाकृष्णन ने ट्वीट कर केजरीवाल के बयान पर आपत्ति व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञों को तथ्यों पर बात करनी चाहिए। कोई ‘सिंगापुर स्वरूप’ नहीं है। जयशंकर के बयान के बाद सिंगापुर के विदेश मंत्री ने उन्हें धन्यवाद दिया। बालाकृष्णन ने ट्वीट किया, ‘धन्यवाद, डॉ जयशंकर। हम अपने अपने देश में स्थिति से निपटने और एक दूसरे की मदद करने पर ध्यान केंद्रित करें। जब तक हर कोई सुरक्षित नहीं, तब तक कोई सुरक्षित नहीं।’  
सिंगापुर में इंटरनेट उपयोग करने वाले लोगों ने अरविंद केजरीवाल पर ‘गलत सूचना फैलाने’ के आरोप लगाए और उनसे माफी मांगने के लिए कहा।    
 

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First Published - May 19, 2021 | 10:57 PM IST

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