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चीन में महंगाई 11 साल के रिकार्ड पर

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Last Updated- December 05, 2022 | 9:44 PM IST

चीन में महंगाई अपने रिकार्ड स्तर पर है। मार्च महीने के दौरान चीनी उपभोक्ता मूल्य 8.3 फीसदी की दर पर पहुंच गया।


उपभोक्ता मूल्यों में यह बढ़ोतरी पिछले 11  सालों के अधिकतम स्तर पर है। हालांकि अमेरिकी मंदी के बावजूद चीनी अर्थव्यवस्था की मजबूती कायम नजर आ रही है। जहां दुनिया के अधिकतर देशों की विकास दर में कमी दर्ज की जा रही है वही चीन की विकास दर लगातार नौवीं तिमाही में भी 10 फीसदी से ऊपर रही। 31 मार्च तक चीन के घरेलू विकास में 10.6 फीसदी की दर से बढ़ोतरी दर्ज की गयी। न्यूज एजेंसी की सर्वे के मुताबिक 24 अर्थ विशेषज्ञों ने 10.4 फीसदी की विकास दर का अनुमान लगाया था।


गौरतलब है कि विश्व के विकास में चीन अर्थव्यवस्था की अहम भूमिका है। चीन इन दिनों बढ़ते घरेलू मूल्यों को रोकने में लगा है। इस कारण वह विकास के उपायों की ओर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रहा है। चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने पिछले महीने कहा था कि बढ़ती महंगाई दर से देश को बचाना सरकार का पहला कर्तव्य है और इस साल के लिए सरकार का उद्देश्य यही रहेगा।


हांगकांग के अर्थशास्त्री  ग्लेन के मुताबिक चीन की मजबूत विकास दर से एशिया के देशों के साथ विश्व के विकास को भी मजबूती मिलेगी। ऐसे में मौद्रिक नीति जस की तस रहेगी। न तो इसे आसान बनाया जाएगा और न ही इसे और कसा जाएगा। जानकारी के मुताबिक चीनी करेंसी यूआन में इस साल डॉलर के मुकाबले 4 फीसदी की मजबूती दर्ज की गयी है। इस कारण यहां के आयात लागत में कमी आयी है।


सांख्यिकीय ब्यूरो के प्रवक्ता ली शियाकाओ के मुताबिक चीन मौद्रिक नीति में कोई लचीलापन नहीं लाने जा रहा है। मौद्रिक नीति पहले की तरह ही कसी हुई रहेगी। उनका कहना है कि चीनी विस्तार सरकार की नीति का हा नतीजा है। जेपी मॉर्गन ने बुधवार को अपने पूर्वानुमान में कहा है कि चीन की विकास दर इस साल 10.5 फीसदी रहेगी। अपने पहले अनुमान में मॉर्गन  ने 10.3 फीसदी की विकास दर की बात कही थी।


गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से अमेरिका में मंदी के कारण वहां से मांग नहीं निकल पा रही है जिससे चीनी निर्यात प्रभावित हुआ है। साथ ही इस साल वहां हुई जबरदस्त बर्फबारी से कई फैक्टरियां बंद हो गयी। फसलों को नुकसान हुआ। फिर भी निवेश व घरेलू उपभोग के कारण चीनी अर्थव्यवस्था मजबूती की ओर अग्रसर है। बताया जा रहा है कि चीन के शहरी इलाकों में फैक्ट्री व प्रॉपर्टी का विस्तार हो रहा है।


बीते तीन महीनों के भीतर इसके विस्तार में 25.9 फीसदी की तेजी देखी गयी है। गत साल जनवरी व फरवरी महीने में यह तेजी 24.3 फीसदी के स्तर पर थी। खुदरा बिक्री : चीन की खुदरा बिक्री में गत महीने के दौरान 21.5 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गयी। वर्ष 1999 से लेकर अबतक का यह सबसे अधिकतम स्तर बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक कोष के अनुमान के मुताबिक इस साल चीन का विस्तार 9.3 फीसदी की दर से होगा।


इस साल विश्व की विकास दर पहले के मुकाबले धीमी रहेगी क्योंकि महान मंदी के बाद अमेरिका सबसे अधिक वित्तीय संकट से जूझ रहा है। इस सप्ताह चीन के केंद्रीय बैंक के गवर्नर जोयू शियाचूयान ने कहा है कि यूयान के मामले में ब्याज दरों में  बढ़ोतरी की अभी पूरी गुंजाइश है। ऐसा अनुमान है कि चीनी अर्थव्यवस्था इस साल जर्मनी की अर्थव्यवस्था को लांघते हुए विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।


मुक्त बाजार में सुधार के बाद से चीन की सालाना औसत विकास दर 10 फीसदी के आस-पास रही है। आयात के लिए इस देश से निकलने वाली मांग के कारण अमेरिकी मंदी के बावजूद एशिया के अन्य देशों का काफी मदद मिल रही है। व्यापार बढ़ोतरी में 2004 के बाद से पहली बार थोड़ी कमी देखी गयी है। इस साल की पहली तिमाही में यह कमी दर्ज की गयी है। चीन के निर्यात की दर में थोड़ी गिरावट दर्ज की गयी है।


विश्व बैंक के अनुमान के मुताबिक खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से चीन के 300 मिलियन लोगों प्रभावित है। वहां के केंद्रीय बैंक ने गत महीने एक सर्वे के बाद इस बात का खुलासा किया था कि चीन के 49 फीसदी लोगों ने कहा कि वे बढ़ती महंगाई से परेशान है और वे इसे झेलने में सक्षम नहीं है।चीन में इस साल 2008 में महंगाई की जबरदस्त बढ़ोतरी का दबाव है। ली कहते हैं कि कच्चे माल, मजदूर व जिंसों के बढ़ते दाम के कारण महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर है।


चीनी निवेशकों को इस बात की आशंका है कि गत साल ब्याज दरों में छ बार की बढ़ोतरी के बाद इस साल सरकार मौद्रिक नीति को और कस सकती है। इंडस्ट्रीयल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना लिमिटेड को उम्मीद है कि पहली तिमाही में उसके मुनाफे में 50 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी होगी। बाजार मूल्य के लिहाज से यह बैंक विश्व का सबसे बड़ा बैंक है।


चीन का केंद्रीय बैंक महंगाई से लड़ने के लिए इस साल ब्याज की दरों में इजाफा करेगा या नहीं, इस बात को लेकर वहां के अर्थशास्त्रियों में मतभेद हैं। फरवरी महीने में महंगाई दर 8.7 फीसदी के स्तर पर पहुंच गयी है। मई, 1996 के बाद से यह सबसे अधिकतम स्तर है। मार्च महीने के अंत तक चीन का विदेशी मुद्रा भंडार 1.68 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर बताया गया है।


चीन के पास सबसे अधिक विदेशी मुद्र का भंडार है। माना जा  रहा है कि जमा कराने व उधार लेने के लिए जारी ब्याज दरों में पहले के स्तर पर कायम रहेगी।



 

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First Published - April 16, 2008 | 11:58 PM IST

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