facebookmetapixel
Advertisement
NHPC ने 15 साल के बॉन्ड से जुटाए ₹2,000 करोड़, 7.67% ब्याज दर पर मिला जोरदार रिस्पॉन्सआय सर्वेक्षण में लोगों की झिझक बड़ी चुनौती, विदेशी मॉडल्स से सीखने की तैयारी में भारत Aviva Life का बड़ा लक्ष्य: 5 साल में न्यू बिजनेस प्रीमियम ₹1,000 करोड़ पहुंचाने की तैयारीसुरक्षा और नॉन-पार्टिसिपेटिंग पॉलिसियों से जीवन बीमा कंपनियों का VNB बढ़ा, LIC सबसे आगेसरकार ने बड़े MFIs को दी राहत, क्रेडिट गारंटी सीमा ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ कीरिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा निफ्टी मिडकैप 100, अमेरिकी हमलों के बीच घरेलू निवेशकों के दम पर बनाया नया रिकॉर्डएंटी-डंपिंग शुल्क लागू होने पर 3 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत कर सकता है भारततनाव बढ़ने की संभावना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से टूटा रुपया, डॉलर के मुकाबले 95.66 के स्तर पर बंदचीन को टक्कर देने की तैयारी? महत्त्वपूर्ण खनिजों की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के लिए क्वाड देश जुटाएंगे $20 अरबआयात शुल्क में बढ़ोतरी व युद्ध संकट के बावजूद निवेश जारी रखेगी टाइटन, चुनौतियों से निपटने की तैयारी में जुटी कंपनी

UNFCCC को अनुकूल योजना सौंपेगा भारत: केंद्रीय जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव

Advertisement

सरकार ने हाल ही में जलवायु वित्त टैक्सोनॉमी (वर्गीकरण की वैज्ञानिक प्रक्रिया) का मसौदा फ्रेमवर्क जारी किया।

Last Updated- May 29, 2025 | 11:38 PM IST
Bhupendra Yadav

भारत संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन संबंधी फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) को अपनी पहली राष्ट्रीय अनुकूलन योजना कुछ महीनों में सौंप देगा। यह जानकारी केंद्रीय जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को दी।

यादव ने भारतीय उद्योग परिसंघ के सालाना बिज़नेस समिट में कहा, ‘अनुकूलन को मजबूती देने के अग्रसोची कदम के रूप में सरकार ने पहली राष्ट्रीय अनुकूल योजना के रूप में एक समावेशी खाका तैयार किया है जिसे कुछ महीनों में यूएनएफसीसीसी को सौंप दिया जाएगा।’

जलवायु परिवर्तन संबंधी जोखिमों को दूर करने तथा देश को जलवायु संकट से निपटने के लिए मजबूत बनाने के क्रम में सरकार ने हाल ही में जलवायु वित्त टैक्सोनॉमी (वर्गीकरण की वैज्ञानिक प्रक्रिया) का मसौदा फ्रेमवर्क जारी किया।

अनुकूलन और कार्बन उत्सर्जन में कमी के तहत गतिविधियों, परियोजनाओं और उपायों को वर्गीकृत करने की कार्य प्रणाली का ब्योरा देकर यह वर्गीकरण भारत की जलवायु प्रतिबद्धता में योगदान देगा ताकि इसकी लचीलापन को मजबूत किया जा सके, प्रयास किए जा सकें और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों के जोखिम को कम करने वाले अनुकूलन उपायों और तकनीकों में निवेश को सुविधाजनक बनाया जा सके।

Advertisement
First Published - May 29, 2025 | 11:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement