facebookmetapixel
Advertisement
छात्रों के विरोध के आगे झुकी सरकार! कैसे PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल में इस्तीफा देने वाले दूसरे केंद्रीय मंत्री बने प्रधानपश्चिम एशिया संकट व तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अगले हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट का हाल?नीट पेपर लीक, परीक्षा रद्द, आंदोलन और अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा…..3 मई से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके दी जानकारीफ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयास

ग्लोबल होम प्राइस इंडेक्स में 13 स्थान खिसका भारत

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 6:52 AM IST

नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2020 को समाप्त तिमाही में ग्लोबल होम प्राइस इंडेक्स में भारत 13 स्थान खिसकर 56वें स्थान पर आ गया है। कुल मिलाकर भारत में मकानों की कीमत पिछले साल की तुलना में 3.6 प्रतिशत कम हुई है, जिसकी वजह से वैश्विक स्थिति में गिरावट आई है। 2019 की चौथी तिमाही में ग्लोबल होम प्राइस इंडेक्स में भारत 43वें स्थान पर था।
रिपोर्ट के मुताबिक  पिछले साल करीब 89 प्रतिशत देशों में कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। महामारी के कारण पैदा हुई स्थिति में भारत मेंं स्थिति कठिन हुई है। पिछले साल केंद्र व राज्य सरकारों ने बिक्री को गति देने के लिए कई कदम उठाए, जिसमें आवास ऋण पर ब्याज कम करना, स्टांप शुल्क घटनाना व आवासीय खरीद पर अन्य शुल्क कम करना शामिल है। इन कदमों से 2020 के आखिर में मांग बढ़ी है, लेकिन कीमतें अभी कम बनी हुई हैं।
नाइट फ्रैंक इंडिया के प्रबंध निदेशक और चेयरमैन शिशिर बजाज ने कहा, ‘कम ब्याज दर और मांग बढ़ाने के लिए उठाए गए अन्य कदमों से रियल एस्टेट की मांग बढ़ी है। इसकी वजह से 2020 की चौथी तिमाही में नई पेशकश बढ़ी है।’

Advertisement
First Published - March 19, 2021 | 12:29 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement