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वीजा विवाद से भारत-ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर लटकी तलवार

Last Updated- December 11, 2022 | 2:00 PM IST

ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन की आव्रजन संबंधी विवादास्पद टिप्पणी के बीच यहां इस बात की आशंका बढ़ रही है कि भारत-ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) फिलहाल बाधित हो सकता है। इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दीपावली की समयसीमा तय की गई है और इस पर चल रही बातचीत अंतिम चरण में है। 

ब्रेवरमैन और लिज ट्रस के बीच मतभेद 

ऐसा लगता है कि भारतीय मूल की ब्रेवरमैन वीजा मुद्दे पर ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस के साथ सीधे टकराव के लिए तैयार हैं। ट्रस चाहती हैं कि FTA के लिए तय 24 अक्टूबर की समयसीमा तक पूरा कर लिया जाए। ट्रस इस बात को अच्छी तरह समझती हैं कि नए व्यापार समझौते के तहत भारत के लिए छात्रों और पेशेवरों की आवाजाही में सुविधा महत्वपूर्ण है। हालांकि, ब्रेवरमैन ने एफटीए के तहत भारत के साथ एक ‘खुली सीमा’ प्रवास नीति होने की आशंका जाहिर की, जिसके बाद अंतिम समझौते को लेकर संदेह पैदा हो गया है। 

कम असरदार रह सकता है मुक्त व्यापार समझौता 

लंदन स्थित थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (आईआईएसएस) में दक्षिण एशिया के सीनियर फेलो राहुल रॉय चौधरी ने कहा, ‘अब ऐसा लगता है कि लिज ट्रस सरकार के तहत संभावित ब्रिटेन-भारत एफटीए न तो उतना वास्तविक होगा और न ही उतना व्यापक होगा, जितना कि पिछली बोरिस जॉनसन सरकार में इसकी परिकल्पना की गई थी। हो सकता है कि आवाजाही/ प्रवासन और व्यापार शुल्क के मुद्दों पर बातचीत जारी रहे।’

रणनीतिक विशेषज्ञ का मानना ​​​​है कि दिवाली की समयरेखा अभी भी प्रतीकात्मक रूप से पूरी हो सकती है ताकि दोनों सरकारें एक तरह की राजनीतिक जीत का दावा कर सकें। ब्रिटेन की व्यापार मंत्री केमी बेडेनॉच ने भी एक परिचर्चा में इस समझौते के कम असरदार होने की आशंका जताई है। बेडेनॉच ने इस परिचर्चा में कहा कि दोनों देश यह कह सकते हैं कि वे आगे चलकर समझौते के अन्य बिंदुओं पर सहमत हो सकते हैं।
 

First Published - October 7, 2022 | 6:26 PM IST

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