facebookmetapixel
Advertisement
क्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयासऑरिफ्लेम बेचेगी भारत में अपना विनिर्माण कारोबार, अकुम्स ड्रग्स की सहायक कंपनी प्योर एंड क्योर से हुआ समझौता₹9,200 करोड़ के IPO से कर्जमुक्त होगी मणिपाल हेल्थ, उत्तर भारत में विस्तार पर कंपनी का जोर: दिलीप जोसजून में लगातार दूसरे महीने क्रेडिट कार्ड खर्च ₹2 लाख करोड़ पार, HDFC Bank और SBI का दिखा दबदबाICICI Bank ने डॉलर बॉन्ड से जुटाए $1 अरब, 2017 के बाद पहला सबसे बड़ा सार्वजनिक बॉन्ड इश्यूओडिशा में बनेगा देश का पहला AI-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर, HCLTech करेगी ₹14,257 करोड़ का निवेशबंगाल को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ना होगा, केंद्र के साथ तालमेल और निवेश पर रहेगा हमारा जोर: स्वप्न दासगुप्ता

यूरोपीय संघ, ब्रिटेन से एफटीए पर जल्द बातचीत की उम्मीद

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 4:02 AM IST

केंद्रीय वाणिज्य सचिव अनूप वधावन ने आज कहा कि भारत को उम्मीद है कि शुरुआती तैयारी का काम पूरा करने के बाद यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत जल्द शुरू हो जाएगी। 
वधावन ने कहा, ‘बातचीत पहले से चल रही है। शुरुआत में हम कुछ तैयारियां करेंगे, खासकर ब्रिटेन के मामले में। शुरुआती काम में बातचीत का खाका तैयार होगा और यूरोपीय संघ के मामले में भी कुछ शुरुआती काम होना है क्योंकि बातचीत में लंबा व्यवधान रहा है।’ उन्होंने कहा कि इस साल के आखिर के पहले ही इन दोनों क्षेत्रों से बातचीत शुरू हो सकती है। 
पिछले महीने भारत और यूरोपीय संघ संतुलित और समग्र मुक्त व्यापार और निवेश समझौते पर बातचीत के लिए सहमत हुए थे। कारोबार और निवेश समझौते दोनों पर बातचीत साथ  साथ चलेगी। 
इसी तरह से भारत और ब्रिटेन ने कारोबारी हिस्सेदारी बढ़ाने (ईटीपी) पर समझौता किया था, जिसमें समग्र एफटीए पर बातचीत और एक आंतरिक कारोबारी समझौता शामिल होगा। 
भारत चिली जैसे देशों के साथ भी तरजीही कारोबार समझौते को अद्यतन करने पर जोर दे रहा है। इसके अलावा भारत दक्षिण कोरिया, जापान और आसियान के साथ मौजूदा एफटीए की भी समीक्षा करेगा। 
निर्यात के बारे में वधावन ने कहा कि भारत के  निर्यात के प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है। भारत का वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात मई महीने में 32.21 अरब डॉलर था, जो पिछले साल के समान महीने से 67.39 प्रतिशत ज्यादा और मई, 2019 की तुलना में 7.93 प्रतिशत ज्यादा है। वधावन ने कहा कि हम इश सला करीब 400 अरब डॉलर के वस्तुओं के निर्यात का अनुमान लगा रहे हैं। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह लक्ष्य हासिल हो जाने की उम्मीद है। 

Advertisement
First Published - June 3, 2021 | 11:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement