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World Happiness Report 2025: भारत की खुशी रैंकिंग में सुधार, लेकिन पाकिस्तान अब भी आगे

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भारत की रैंकिंग 126वें से 118वें स्थान पर पहुँची, खुशी स्कोर में मामूली बढ़ोतरी; आर्थिक चुनौतियों के बावजूद पाकिस्तान का स्कोर भारत से बेहतर

Last Updated- March 20, 2025 | 11:23 PM IST
World Happiness Report: India lags behind Pakistan in happiness report, shocking thing about children revealed World Happiness Report: खुशहाली रिपोर्ट में पाकिस्तान से पीछे भारत, बच्चों को लेकर सामने आई चौंकाने वाली बात

भारतीय लोग पिछले सालों के मुकाबले अब अधिक प्रसन्न रहने लगे हैं। विश्व में खुश रहने के मामले में उसकी रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। वर्ष 2022-24 के खुशी सूचकांक में 2021-23 की अपेक्षा भारत ने अपने स्कोर में मामूली सुधार किया है। विश्व खुशी रिपोर्ट 2025 में यह बात सामने आई है। यह रिपोर्ट गुरुवार को जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार खुशी सूचकांक में भारत का स्कोर 10 में से 4.389 पर आ गया है, जो पहले 4.054 था। रिपोर्ट में जिन 147 देशों का विश्लेषण शामिल किया गया, उनमें भारत 118वें नंबर है। पूर्व में 143 देशों में यह 126वें स्थान पर था।

स्थिति में थोड़ा सुधार आने के बावजूद खुश रहने के मामले में वैश्विक स्तर पर भारतीय लोग काफी पीछे रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि लगातार आर्थिक चुनौतियों से जूझने के बावजूद प्रसन्न रहने के मामले में पाकिस्तान का प्रदर्शन भारत से बेहतर रहा है। हैप्पीनेस इंडेक्स पर उसका स्कोर 4.657 से बढ़कर इस बार 4.768 दर्ज किया गया है। लेकिन उसकी रैंकिंग 108 से गिरकर 109 पर आ गई है।

कुछ लोग खुशी का स्तर मापने के लिए इस्तेमाल की गई विधि पर सवाल उठा सकते हैं। यह स्कोर अथवा व्यक्तिपरक खुशी का स्तर गैलप वर्ल्ड पोल (जीडब्ल्यूपी) में जीवन मूल्यांकन के सवाल पर राष्ट्रीय औसत प्रतिक्रिया पर आधारित होता है। इसमें उत्तरदाताओं से सीढ़ी की छवि के माध्यम से अपने वर्तमान जीवन का समग्र रूप से मूल्यांकन करने के लिए कहा जाता है, जिसमें उनके सर्वोत्तम संभव जीवन को 10 और सबसे खराब संभव जीवन को 0 के रूप में वर्णित किया जाता है।

देशों की प्रसन्नता पर आधारित यह रैंकिंग लोगों के जीवन मूल्यांकन के तीन वर्षों के औसत से तैयार की जाती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुश स्कोर में भिन्नता की व्याख्या करने के लिए रिपोर्ट में प्रति व्यक्ति जीडीपी, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, सामाजिक स्थिति, जीवन जीने की आजादी, उदारता और भ्रष्टाचार जैसे छह संकेतकों को मापा जाता है, लेकिन खुशहाली रैंकिंग इन छह कारकों में से किसी पर भी आधारित नहीं होती।

प्रति व्यक्ति आय जैसे गणनात्मक पैमाने पर भारत की स्थिति पाकिस्तान से कहीं बेहतर दर्शायी गई है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार भारत में जहां 2023 में प्रति व्यक्ति आय जहां 2,480.8 डॉलर रही, वहीं पाकिस्तान में यह 1,365.3 डॉलर के स्तर पर ही अटक गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2021 में पाकिस्तान की स्वास्थ्य जीवन प्रत्याशा (जन्म के समय) जहां 56.9 साल थी, वहीं भारत की 58.1 साल थी। इसके अतिरिक्त ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक, 2024 रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तान जहां 135वें नंबर रहा, वहीं भारत का स्थान 96वां था।

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First Published - March 20, 2025 | 11:20 PM IST

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