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योगी सरकार का नया मिशन: इनवेस्टर्स के लिए सिंगल विंडो सिस्टम में बड़ा सुधार, निवेश की राह होगी आसान

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में इन्वेस्ट यूपी के निवेश मित्र, सिंगल विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया।

Last Updated- April 11, 2025 | 9:15 PM IST
Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | फाइल फोटो

एक बार फिर से वैश्विक निवेशक सम्मेलन कराने की तैयारी में जुटी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार उद्यमियों की सहायता के लिए बनाए गए विभाग इनवेस्ट यूपी को फिर से नया आकार दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में इन्वेस्ट यूपी के निवेश मित्र, सिंगल विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया। ताकि प्रदेश में निवेश करने वाले उद्यमियों को आसानी से क्लीयरेंस मिल सके और अधिक से अधिक एमओयू को धरातल पर उतारा जा सके। औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन्वेस्ट यूपी को और अधिक प्रभावशाली बनाने और प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश को आकर्षित करने के लिये निवेश मित्र, सिंगल विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम की सभी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में मुख्यमंत्री  के निर्देशों के मुताबिक सिंगल विंडो अधिनियम 2024 को प्रभावी तौर पर लागू किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इसी महीने से ही सिस्टम एग्रीगेटर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ताकि अलग-अलग विभागों के डेटा का एक जगह लाकर उनका एक ही स्थान पर निराकरण किया जा सके। साथ ही सूचना और सुविधा प्रदान करने के लिए टर्नअराउंड समय को कम किया जा सके। प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अधिनियम के मुताबिक अनावश्यक विलंब की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने व उच्च स्तर के अधिकारियों तक सीधे ऑनलाइन शिकायत प्रस्तुत की जा सकने की सुविधा प्रदान की गई है।

उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनाने के मिशन में इन्वेस्ट यूपी में कई अन्य कदम उठाए जा रहे हैं। इसी  क्रम में इन्वेस्ट यूपी के तहत लैंड यूज परिवर्तन प्रक्रिया का पूरी तरह से धारा-80 के मुताबिक 6 माह के भीतर डिजटलीकरण किया जा रहा। साथ ही भूजल उपयोग सहित विद्युत और जल कनेक्शन की प्रक्रिया को भी 3 माह की समयावधि में पूरा करना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही सिंगल विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम के तहत उद्योग को एनवायरमेंट क्लीयरेंस और गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को श्वेत श्रेणी में वर्गीकृत करने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा। अन्य कदमों में  राज्य जन विश्वास अधिनियम के तहत अपराध मुक्ति का ड्राफ्ट भी 3 माह की अवधि में प्रदान करना है। मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में औद्योगिक भूमि के लिए जीआईएस डाटा बैंक बनाने के भी निर्देश दिये हैं, जो कि जल्दी ही सुचारू रूप से उपयोग में लाया जा सकेगा।

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First Published - April 11, 2025 | 9:10 PM IST

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