facebookmetapixel
30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकस

महाकुंभ में गूंजेगी बुंदेलखंड की जल सहेलियों की गाथा, पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ में पर्व स्नान के अतिरिक्त जल संरक्षण पर काम कर रहे सामाजिक संगठनों और गैर सरकारी संस्थाओं की भी भागीदारी रहेगी।

Last Updated- January 06, 2025 | 8:14 PM IST
The saga of Jal Saheli of Bundelkhand will echo in Mahakumbh, PM Modi has also praised it महाकुंभ में गूंजेगी बुंदेलखंड की जल सहेलियों की गाथा, पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ
Representative Image

Mahakumbh 2025: पानी के गंभीर संकट का सामना करने वाले बुंदेलखंड में जल संरक्षण के लिए बेहतरीन काम करने वाली जल सहेलियों की गाथा भी महाकुंभ में सुनायी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में बुंदेलखंड की जल सहेलियों की चर्चा कर चुके हैं। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ में न सिर्फ आध्यात्म और परंपराओं का संगम हो रहा है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय संदेशों के प्रसार के लिए भी यहां मंच सज रहे हैं।

मकर संक्रांति के स्नान के बाद महाकुंभ क्षेत्र में जल संरक्षण का संदेश देने और इससे जुड़े मसलों पर चर्चा के लिए देश के कई सामाजिक, गैर सरकारी संगठनों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम रही संस्थाओं का संगम होगा। जल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली बुंदेलखंड की जल सहेलियां भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर अपने अनुभव साझा करेंगी।

गौरतलब है कि जल संरक्षण के क्षेत्र में समूह बनाकर कार्य कर रहीं जल सहेलियों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात में सराहना कर चुके हैं। जल संरक्षण के क्षेत्र में इनके योगदान के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इन जल सहेलियों को सम्मानित कर चुके हैं।

बुंदेलखंड क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में इन जल सहेलियों ने जल संरक्षण और जागरूकता के क्षेत्र में कार्य किए हैं। महाकुंभ में जल संरक्षण पर होने वाली चर्चा में एक ओर ये महिलाएं अपने अनुभव साझा करेंगी तो दूसरी ओर देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे प्रयासों से भी अवगत होंगी।

Also read: Mahakumbh 2025: रेलवे की अनूठी पहल, जैकेट पर लगे QR कोड से मिनटों में बुक करें ट्रेन टिकट, लाइन में लगने की झंझट खत्म!

जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ संजय सिंह ने बताया कि मकर संक्रांति के स्नान के बाद महाकुंभ में जल संरक्षण पर चर्चा के लिए जल संरक्षण कार्यकर्ताओं और संगठनों का कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लोग अपने अनुभव साझा करेंगे। बुंदेलखंड की जल सहेलियां भी इस आयोजन में हिस्सा लेने महाकुंभ पहुंचेंगी।

जल जन जोड़ो अभियान के तहत बुंदेलखंड में पानी के संरक्षण के लिए कुंओ, बावड़ियों, जलाशयों के साथ ही नदियों के पुनर्जीवन का काम किया जा रहा है। अभियान के तहत बुंदेलखंड के गांवों की महिलाओं को जोड़ा गया है जिन्होंने जल संरक्षण के लिए काम किया है।

First Published - January 6, 2025 | 8:14 PM IST

संबंधित पोस्ट