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सुप्रीम कोर्ट की SIT ने रिलायंस फाउंडेशन के वनतारा को दी क्लीन चिट

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जामनगर स्थित वनतारा सेंटर में जानवरों की देखभाल और खरीद-फरोख्त को कोर्ट ने नियमों के अनुरूप बताया, कहा – "देश के गौरव से जुड़ी चीज़ों पर बिना सबूत सवाल न उठाएं"।

Last Updated- September 15, 2025 | 3:34 PM IST
Vantara row

सुप्रीम कोर्ट की विशेष जांच टीम (SIT) ने गुजरात के जामनगर में स्थित वनतारा – ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू और रिहैबिलिटेशन सेंटर (Reliance Foundation द्वारा संचालित) को क्लीन चिट दे दी है। यह SIT पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर की अगुवाई में बनाई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सोमवार को जस्टिस पंकज मित्थल और पी.बी. वराले की बेंच के सामने यह मामला आया। SIT ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी। कोर्ट ने रिपोर्ट देखकर संतोष जताया और कहा कि वनतारा पूरी तरह से नियमों और कानूनी मानकों का पालन कर रहा है। जस्टिस मिथल ने कहा कि जांच में यह साफ हुआ है कि जानवरों की खरीद और उनकी देखभाल कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक की गई है। SIT की सिफारिशों के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।

हाथियों पर लगे आरोप बेबुनियाद

कुछ शिकायतें हाथियों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर उठाई गई थीं। लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि ये आरोप साबित नहीं हुए। कोर्ट ने कहा कि अगर हाथियों की खरीद और देखभाल कानून के अनुसार हुई है, तो इस तरह के सामान्य आरोप लगाना उचित नहीं है।

जस्टिस मिथल ने यह भी कहा कि देश के कुछ सांस्कृतिक और संरक्षण संबंधी प्रयास राष्ट्रीय गौरव से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में बिना सबूत के शोर मचाने की जरूरत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह SIT रिपोर्ट पर अपने आदेश चेंबर में पास करेगा और सुनिश्चित करेगा कि उसकी सिफारिशों को लागू किया जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना वजह के आरोपों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा।

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First Published - September 15, 2025 | 3:34 PM IST

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