देश के दिग्गज उद्योगपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) पर अमेरिकी अदालत के आरोपों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर हमलावर रुख अपनाया है। अमेठी से सांसद और संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अडानी 2,000 करोड़ का घोटाला कर के बाहर घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि अदाणी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने सेबी चेयरपर्सन माधबी बुच को पद से हटाया जाए और उनकी जांच की भी मांग की।
राहुल गांधी ने कहा, ”मैं जनता से कहना चाहता हूं- आप नोट कीजिए। अदाणी ने 2000 करोड़ का घोटाला किया है। लेकिन अडानी न तो गिरफ्तार किया जाएगा और न ही कोई जांच होगी। क्योंकि अडानी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुड़े हुए हैं।”
उन्होंने कहा, ”नेता विपक्ष होने के कारण इस मुद्दे को उठाना मेरी जिम्मेदारी है। अडानी ने भ्रष्टाचार कर के हिंदुस्तान में संपत्ति हासिल की है। इसलिए हम JPC की मांग दोहराते रहेंगे। हम चाहते हैं कि अडानी को अरेस्ट किया जाए। हम इनके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करेंगे और आपको बताएंगे कि वे कौन से लोग हैं, जिन्होंने हिंदुस्तान को हाईजैक किया हुआ है।” राहुल गांधी ने कहा, ”अमेरिका में FBI ने जांच की है और उन्होंने बताया है कि अडानी हिंदुस्तान में हर रोज भ्रष्टाचार कर रहे हैं।”
अदाणी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अदाणी (Gautam Adani) पर अमेरिका में एक मामले में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी का आरोप लगा है। अदाणी पर अमेरिका में अपनी कंपनी को कॉन्ट्रेक्ट दिलाने के लिए करीब 2236 करोड़ रुपये की रिश्वत देने और इसे छिपाने का आरोप लगाया गया है। गौतम अदाणी को कथित अरबों डॉलर की रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी योजना में उनकी भूमिका के लिए न्यूयॉर्क में अमेरिकी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा दोषी ठहराया गया है।
रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला सोलर एनर्जी सप्लाई का एक कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने से जुड़ा है। आरोप है कि गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी समेत सात अन्य ने कॉन्ट्रैक्ट लेने के लिए लगभग 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने पर सहमति जताई थी।
अधिकारियों को ये रिश्वत 2020 से 2024 के बीच दिए जाने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट्स की माने तो इस सौदे से अदाणी ग्रुप को अगले 20 वर्षों में 2 बिलियन डॉलर का लाभ होने की उम्मीद थी।
इस मामले में अमेरिकी अदालत ने यह भी कहा कि अदाणी और अदाणी ग्रीन एनर्जी के एक अन्य कार्यकारी विनीत जैन ने ऋणदाताओं और निवेशकों को धोखे में रखकर कंपनी के लिए 3 अरब डॉलर से अधिक के ऋण और बांड जुटाए।