भारत

PM मोदी बोले: कानून नागरिकों की सुविधा के लिए हों, ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ बनेगी तीसरे कार्यकाल की पहचान

नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश अब पूरी तरह ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’के दौर में है

Published by
एजेंसियां   
Last Updated- December 09, 2025 | 10:03 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि कोई भी कानून या नियम आम लोगों की सुविधा के लिए होने चाहिए। उनकी वजह से किसी निर्दोष को असुविधा नहीं होनी चाहिए। सरकार के तीसरे कार्यकाल में उनकी प्राथमिकता लोगों की जिंदगी को आसान बनाना है। नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश अब पूरी तरह ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’के दौर में है, जहां सुधार तेजी से और स्पष्ट मंशा के साथ किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार के सुधार सिर्फ अर्थव्यवस्था या राजस्व पर केंद्रित नहीं हैं, ये पूरी तरह नागरिक-केंद्रित हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां दूर करना है, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता से आगे बढ़ सकें।

बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को बहुत अच्छे दिशानिर्देश दिए और यह संदेश दिया कि उनकी सरकार के तीसरे कार्यकाल का सबसे बड़ा मुद्दा ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ है। इस बैठक में राजग के सभी सांसद मौजूद थे।

रीजीजू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने इस पर बल दिया कि जो भी कानून बनाया जाए, उसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं होना चाहिए जो किसी नागरिक के लिए नुकसानदेह हो या उसे परेशान करे। नियम और कानून आम लोगों के लिए बोझ नहीं होने चाहिए। सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नियम-कानून जनता की सुविधा के लिए हों और उनकी जिंदगी को बेहतर बनाएं।’ उन्होंने कहा, ‘अब हम इसी दिशा में काम करेंगे। केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और नगरपालिकाओं व पंचायतों जैसी स्थानीय स्वशासी संस्थाओं को इसी दिशा में काम करना चाहिए।’

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि वह 30-40 पन्नों वाले फॉर्म और बेवजह की कागजी कार्रवाई की संस्कृति खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नागरिकों को सेवाएं उनके घर के दरवाजे पर मिलनी चाहिए और बार-बार एक ही जानकारी जमा कराने की व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि सरकार ने लोगों पर भरोसा दिखाते हुए स्व-प्रमाणन की सुविधा दी थी और पिछले 10 वर्षों में इसका कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है। यह व्यवस्था बिल्कुल सफल साबित हुई है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि जीवन सुगमता और कारोबार सुगमता दोनों ही उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।

First Published : December 9, 2025 | 10:03 PM IST