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रायपुर DG-IG कॉन्फ्रेंस में PM मोदी का संदेश: नशा रोकथाम, नई पुलिसिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा पर फोकस जरूरी

रायपुर कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने नशे का रोकथाम, पुलिस छवि सुधार, नए कानूनों की जागरूकता, तटीय सुरक्षा और AI आधारित खुफिया रणनीति पर दिशा निर्देश दिए

Last Updated- November 30, 2025 | 7:04 PM IST
Narendra Modi
कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी व अन्य लोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रायपुर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में चल रही 60वीं ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस ऑफ डायरेक्टर्स जनरल और इंस्पेक्टर्स जनरल ऑफ पुलिस को संबोधित किया। इस कॉन्फ्रेंस की थीम थी ‘विकसित भारत : सुरक्षा के आयाम’। इसमें गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे।

PM ने साफ कहा कि नशे की लत से लड़ाई में सिर्फ छापेमारी काफी नहीं है। इसमें पूरा सरकारी तंत्र, इलाज की सुविधा और समाज को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने पुलिस की छवि बदलने पर जोर दिया, खासकर युवाओं के बीच। PM मोदी ने कहा, “पुलिस को ज्यादा प्रोफेशनल, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना होगा।”

शहरों और पर्यटन स्थलों की पुलिसिंग को मजबूत करने की बात भी की गई। उन्होंने कहा, “टूरिस्ट पुलिस यूनिट को फिर से सक्रिय करना होगा और लोगों को नए आपराधिक कानून – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता – के बारे में जागरूक करना जरूरी है। ये तीनों कानून अब पुराने ब्रिटिश दौर के कानूनों की जगह ले चुके हैं।”

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आतंक, नक्सल और तटीय सुरक्षा पर खास फोकस

प्रधानमंत्री ने बैन संगठनों पर लगातार नजर रखने, नक्सल मुक्त हुए इलाकों के समग्र विकास और समुद्री सुरक्षा के लिए नए-नए तरीके अपनाने को कहा। उन्होंने खास तौर पर उन द्वीपों को सुरक्षा चक्र में जोड़ने को कहा, जिसपर आबादी नहीं है और नेटग्रिड के डेटाबेस का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की सलाह दी।

उन्होंने पुलिस वालों से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके एक्शन लेने लायक खुफिया जानकारी तैयार की जाए। यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में फॉरेंसिक साइंस के केस स्टडी करवाने की बात भी की, ताकि जांच और सजा का सिस्टम और मजबूत हो।

प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए PM ने चक्रवात, बाढ़ और दूसरी मुसीबतों से निपटने के लिए पहले से तैयारी, रियल टाइम कोऑर्डिनेशन और तुरंत रिस्पॉन्स पर जोर दिया। उन्होंने अभी चल रहे चक्रवात दितवा का भी उदाहरण दिया।

कॉन्फ्रेंस में 2047 तक पुलिसिंग का रोडमैप, आतंक और कट्टरपंथ से निपटने के नए तरीके, महिलाओं की सुरक्षा में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, विदेश भागे भगोड़ों को वापस लाने की रणनीति और फॉरेंसिक क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। साथ ही PM ने IB के अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक भी बांटे। इसमें पहली बार शहरों में अच्छी पुलिसिंग करने वाले तीन शहरों को भी सम्मानित किया गया।

First Published - November 30, 2025 | 6:54 PM IST

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