facebookmetapixel
Advertisement
Edelweiss MF ने लॉन्च किया दूसरा SIF, स्मॉल-मिड कैप शेयरों पर फोकस; क्या है इसमे खास?Infosys Q4FY26 results: मुनाफा 20.8% बढ़कर ₹8,501 करोड़, ₹25 के डिविडेंड का ऐलानबिहार में ‘आत्मनिर्भर दलहन अ​भियान’ के तहत पहली बार मसूर की खरीद शुरूभारत बना अल्ट्रा रिच का हॉटस्पॉट, दुनिया में छठे नंबर पर; मुंबई सबसे आगेInvesco MF ने लॉन्च किए 2 नए इंडेक्स फंड, ₹100 से निवेश शुरू; सेंसेक्स और बैंकिंग सेक्टर में मौकाQ4 FY26 Results: मार्च तिमाही में आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC की आय बढ़ी, मुनाफा घटाWhiteOak Capital MF के इन 16 फंड्स में नहीं लगेगा एग्जिट लोड; निवेशकों को सीधा फायदाSunteck Realty: प्री-सेल्स ग्रोथ से मिलेगा बूस्ट! मोतीलाल ओसवाल की सलाह- खरीदें, 50% अपसाइड का टारगेटAmazon India का बड़ा निवेश, लॉजिस्टिक्स और कर्मचारियों पर खर्च करेगा 2,800 करोड़ रुपयेAdani Power, BHEL, Suzlon: ओवरबॉट हुए पावर शेयर, अब मुनाफा बुक करें या होल्ड करें?

मुंबई हवाई अड्डे पर विमानों में विलंब की समस्या घटी

Advertisement

Mumbai Airport : मंत्रालय ने 15 फरवरी को अदाणी ग्रुप द्वारा संचालित मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) को कुछ उड़ानों को रद्द करने का निर्देश दिया था

Last Updated- February 28, 2024 | 11:49 PM IST
मुंबई हवाईअड्डे पर विमान ज्यादा, सैकड़ों उड़ानें रद्द, Excess aircraft at Mumbai airport, hundreds of flights cancelled

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) ने बुधवार को कहा कि 15 फरवरी से कंजेशन-इंड्यूस्ड कैंसिलेशन यानी भीड़भाड़ वाले हवाई मार्गों पर कुछ उड़ानें रद्द करने का निर्देश दिए जाने के बाद से मुंबई हवाई अड्डे पर विमानों की आवाजाही में विलंब की समस्या काफी हद तक घट गई है।

मंत्रालय ने 15 फरवरी को अदाणी ग्रुप द्वारा संचालित मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) को कुछ उड़ानों को रद्द करने का निर्देश दिया था, क्योंकि उन्हें अपने हवाई मार्ग में अत्य​धिक भीड़ होने की वजह से विलंब की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।

एमओसीए ने कहा है, ‘एएआई (भारतीय हवाई अड्डा प्रा​धिकरण) द्वारा कराए गए एक विश्लेषण से अत्य​धिक स्लॉट आवंटन (मायल द्वारा) और खराब स्लॉट अनुपालन (एयरलाइंस द्वारा) का पता चला जिससे हवाई यातायात संबं​धित समस्या बढ़ी।’ स्लॉट वह खास टाइम होता है जब उड़ान किसी हवाई अड्डे पर आती या जाती है।

एयरपोर्ट ऑपरेटर एयरलाइनों को स्लॉट निर्धारित करता है। विमान के तय स्लॉट से पहले परिचालन करने पर इसे टेबल में ‘बिफोर ​शिड्यूल्ड अराइवल टाइम’ के तौर पर लिखा जाता है, जिससे हवाई मार्ग पर भीड़भाड़ बढ़ती है और अन्य विमान को ​शिड्यूल का पालन करने में विलंब होता है। इसका अन्य संबं​धित गतिवि​धियों पर नकारात्मक असर पड़ता है।

Advertisement
First Published - February 28, 2024 | 11:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement