facebookmetapixel
Advertisement
Vedanta की 4 नई कंपनियों की आज एंट्री, कौन बनेगा निवेशकों का नया फेवरेट?Stocks To Watch Today: Reliance Industries, JSW Energy समेत इन शेयरों पर आज रहेगी नजर, बड़े ऐलानों से बढ़ सकती है हलचलहॉर्मुज खुलने की खबर से तेल में बड़ी गिरावट, 80 डॉलर के करीब पहुंचे भावफुटबॉल विश्व कप का चढ़ा खुमार तो ब्रांड भी कर रहे पेशकश जोरदारलेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के नेतृत्व में और बढ़ेगी थलसेना की ताकत, 30 जून से संभालेंगे कमान ओमान संकट: सभी 14 भारतीय नाविक सुरक्षित, लेकिन तीन मौतों पर राजनीतिक टकराव बढ़ा मोदी-मैक्रों की मुलाकात में रक्षा, AI और परमाणु ऊर्जा सहयोग पर जोर, कई समझौतों की उम्मीदअमेरिका ने विदे​शियों के लिए मिथोस पर लगाई पाबंदी, देसी एआई मॉडल की संप्रभुता अहमNFRA की सख्ती बढ़ी, FY27 में Deloitte, PwC समेत 6 बड़ी ऑडिट फर्मों की होगी गुणवत्ता जांचFPI रजिस्ट्रेशन 5 दिन में कराने की तैयारी, विदेशी निवेशकों के लिए प्रक्रिया आसान करेगा सेबी

मुंबई हवाई अड्डे पर विमानों में विलंब की समस्या घटी

Advertisement

Mumbai Airport : मंत्रालय ने 15 फरवरी को अदाणी ग्रुप द्वारा संचालित मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) को कुछ उड़ानों को रद्द करने का निर्देश दिया था

Last Updated- February 28, 2024 | 11:49 PM IST
मुंबई हवाईअड्डे पर विमान ज्यादा, सैकड़ों उड़ानें रद्द, Excess aircraft at Mumbai airport, hundreds of flights cancelled

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) ने बुधवार को कहा कि 15 फरवरी से कंजेशन-इंड्यूस्ड कैंसिलेशन यानी भीड़भाड़ वाले हवाई मार्गों पर कुछ उड़ानें रद्द करने का निर्देश दिए जाने के बाद से मुंबई हवाई अड्डे पर विमानों की आवाजाही में विलंब की समस्या काफी हद तक घट गई है।

मंत्रालय ने 15 फरवरी को अदाणी ग्रुप द्वारा संचालित मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) को कुछ उड़ानों को रद्द करने का निर्देश दिया था, क्योंकि उन्हें अपने हवाई मार्ग में अत्य​धिक भीड़ होने की वजह से विलंब की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।

एमओसीए ने कहा है, ‘एएआई (भारतीय हवाई अड्डा प्रा​धिकरण) द्वारा कराए गए एक विश्लेषण से अत्य​धिक स्लॉट आवंटन (मायल द्वारा) और खराब स्लॉट अनुपालन (एयरलाइंस द्वारा) का पता चला जिससे हवाई यातायात संबं​धित समस्या बढ़ी।’ स्लॉट वह खास टाइम होता है जब उड़ान किसी हवाई अड्डे पर आती या जाती है।

एयरपोर्ट ऑपरेटर एयरलाइनों को स्लॉट निर्धारित करता है। विमान के तय स्लॉट से पहले परिचालन करने पर इसे टेबल में ‘बिफोर ​शिड्यूल्ड अराइवल टाइम’ के तौर पर लिखा जाता है, जिससे हवाई मार्ग पर भीड़भाड़ बढ़ती है और अन्य विमान को ​शिड्यूल का पालन करने में विलंब होता है। इसका अन्य संबं​धित गतिवि​धियों पर नकारात्मक असर पड़ता है।

Advertisement
First Published - February 28, 2024 | 11:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement