मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़

मध्य प्रदेश में ग्रामीण विकास को लगेंगे पंख: नाबार्ड ने FY27 के लिए ₹3.75 लाख करोड़ के ऋण का दिया लक्ष्य

नाबार्ड द्वारा मध्य प्रदेश के प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ऋण क्षमता में 20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है

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संदीप कुमार   
Last Updated- January 30, 2026 | 8:18 PM IST

कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने मध्य प्रदेश के प्राथमिकता क्षेत्र में वर्ष 2026-27 के लिए 3.75 लाख करोड़ रुपये की ऋण क्षमता का अनुमान प्रस्तुत किया है, जो पिछले वर्ष के 3.13 लाख करोड़ रुपये से लगभग 20 प्रतिशत अधिक है।

भोपाल में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी में नाबार्ड द्वारा प्रस्तुत स्टेट फोकस पेपर के अनुसार, अनुमानित 3.75 लाख करोड़ रुपये की ऋण क्षमता में से अधिकतम 2.08 लाख करोड़ रुपये कृषि क्षेत्र के लिए, 1.46 लाख करोड़ रुपये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए तथा शेष 20,371 करोड़ रुपये निर्यात ऋण, शिक्षा, आवास, सामाजिक अधोसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए आंके गए हैं।

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संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्रों में नाबार्ड के योगदान की सराहना की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। सारंग ने कहा, ‘पिछले वर्ष सरकार ने राज्य के छह सहकारी बैंकों को 50-50 करोड़ रुपये की राशि दी ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें। सरकार की योजना अगले दो वर्षों में उनकी आर्थिक दुर्बलता (एनपीए समाप्त करने) को दूर करने की है।’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बहुत अहम भूमिका है और नाबार्ड तथा राज्य के सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होंगे।

इस अवसर पर नाबार्ड मध्य प्रदेश की मुख्य महाप्रबंधक सी. सरस्वती ने किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, एग्री-टेक नवाचारों को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में संस्थागत ऋण की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

First Published : January 30, 2026 | 8:11 PM IST