facebookmetapixel
Silver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लानमध्य भारत को समुद्र से जोड़ने वाला बड़ा प्लान सामने आया

Lok Sabha Elections 2024: इलेक्शन कमीशन ने प्रधानमंत्री पर आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप पर भाजपा से जवाब मांगा

निर्वाचन आयोग ने स्टार प्रचारकों पर लगाम लगाने के पहले कदम के तहत पार्टी अध्यक्षों को जिम्मेदार ठहराने के लिए जनप्रतिनिधि कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल किया है।

Last Updated- April 25, 2024 | 2:17 PM IST
PM Modi

Lok Sabha Elections 2024: प्रधानमंत्री के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के आरोपों का पहली बार संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को बताया कि उसने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से विपक्षी दलों द्वारा दर्ज कराई शिकायतों पर जवाब देने को कहा है जिनमें नरेन्द्र मोदी पर राजस्थान के बांसवाड़ा में विभाजनकारी व मानहानिजनक भाषण देने का आरोप लगाया गया है।

साथ ही आयोग ने कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर भाजपा द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत पर भी विपक्षी दल से जवाब देने को कहा है।

भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा को लिखे पत्र में आयोग ने 21 अप्रैल को बांसवाड़ा में मोदी द्वारा की गई टिप्पणियों के संबंध में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भाकपा (एमएल) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों पर नड्डा से सोमवार तक जवाब देने को कहा। आयोग ने नड्डा से यह भी कहा कि वह पार्टी के सभी स्टार प्रचारकों से राजनीतिक विमर्श के उच्च मानक तय करने और आदर्श आचार संहिता का अक्षरत: पालन करने के लिए कहें।

अधिकारियों ने कहा कि यह पहली बार है कि आयोग ने किसी प्रधानमंत्री के खिलाफ शिकायत का संज्ञान लिया हो। निर्वाचन आयोग ने स्टार प्रचारकों पर लगाम लगाने के पहले कदम के तहत पार्टी अध्यक्षों को जिम्मेदार ठहराने के लिए जनप्रतिनिधि कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल किया है। आयोग ने इसी तरह का एक पत्र कांग्रेस अध्यक्ष को भी लिखा है जो उनके और गांधी के खिलाफ भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित है।

Also read: गोट, ओजी, योलो… भारतीय राजनीति की नई शब्दावली से जोड़े जा रहे युवा

दोनों दलों के अध्यक्षों को लिखे गए पत्रों में आयोग ने मोदी, गांधी या खरगे का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया है, लेकिन चिट्ठियों में उसे मिली शिकायतों को संलग्न किया गया है जिनमें तीनों नेताओं के खिलाफ आरोपों का ब्यौरा है। आयोग को की गई अपनी शिकायत में कांग्रेस ने कहा था कि मोदी ने अपने भाषण में आरोप लगाया है कि कांग्रेस लोगों की संपत्ति मुसलमानों को बांटना चाहती है और विपक्षी दल महिलाओं के मंगलसूत्र को भी नहीं छोड़ेगा।

दूसरी ओर, भाजपा ने आयोग को लिखे पत्र में कहा है कि तमिलनाडु के कोयंबटूर में गांधी ने अपने भाषण के दौरान मोदी के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण और पूरी तरह से भयावह आरोप लगाए। भाजपा ने खरगे पर यह दावा करने के लिए आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है कि उन्हें अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) के खिलाफ भेदभाव के कारण राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित नहीं किया गया।

First Published - April 25, 2024 | 2:15 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट