facebookmetapixel
IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’

मनरेगा बजट का बड़ा हिस्सा जल संरक्षण के लिए, जल दोहन वाले जिलों पर खास फोकस

मनरेगा के सालाना कोष का करीब 65 प्रतिशत कोष जल संरक्षण गतिविधियों और देश भर में अधिक जल दोहन वाले ब्लॉकों के लिए निर्धारित किया है।

Last Updated- September 25, 2025 | 10:21 PM IST
Water
Photo: Shutterstock

मनरेगा के सालाना कोष का करीब 65 प्रतिशत कोष जल संरक्षण गतिविधियों और देश भर में अधिक जल दोहन वाले ब्लॉकों के लिए निर्धारित किया है। यह संयुक्त पहल केंद्रीय ग्रामीण मंत्रालय ने जल मंत्रालय के साथ की है।

इसके अलावा 2005 के मनरेगा अधिनियम के तहत देश भर में ‘अर्ध-गंभीर’ जल ब्लॉकों में मनरेगा बजट का 40 प्रतिशत खर्च करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं और 30 प्रतिशत कोष गैर-गंभीर ब्लॉकों में भी जल संरक्षण में इस्तेमाल होगा।

दिलचस्प बात यह है कि मनरेगा वेबसाइट के अनुसार वित्त वर्ष-25 में योजना के बजट का लगभग 66 प्रतिशत पहले ही एमडब्ल्यूसी ब्लॉकों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर खर्च किया जा चुका था।

एमडब्ल्यूसी ब्लॉक जल संरक्षण अभियान के तहत पहचाने गए ब्लॉक हैं, जो वाटरशेड विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए केंद्रित ध्यान और संसाधन प्राप्त करते हैं। इस बीच मनरेगा अधिनियम के तहत नवीनतम निर्देशों की घोषणा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल ने संयुक्त रूप से कृषि भवन में ‘जल सुरक्षा पर राष्ट्रीय पहल’ शुरू करते समय की थी।

चौहान ने कहा कि वित्त वर्ष-26 में 88,000 करोड़ रुपये के मनरेगा बजट में से 65 प्रतिशत ‘डार्क जोन’ जिलों के लिए, 40 प्रतिशत ‘अर्ध-गंभीर’ जिलों के लिए और 30 प्रतिशत अन्य जिलों के लिए वर्षा जल संचयन के लिए आवंटित किया गया है।

First Published - September 25, 2025 | 10:15 PM IST

संबंधित पोस्ट