facebookmetapixel
IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’

सघन चुनाव प्रचार से संकेत मिलता है कि Kejriwal गंभीर बीमारी से ग्रस्त नहीं हैं: अदालत

केजरीवाल को एक और झटका देते हुए अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग संबंधी उनका आवेदन बुधवार को खारिज कर दिया।

Last Updated- June 06, 2024 | 4:26 PM IST
Delhi CM Kejriwal
Representative Image

दिल्ली की एक अदालत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा है कि उन्होंने जिस तरह सघन (चुनाव) प्रचार किया एवं अन्य संबंधित गतिविधियों में भाग लिया, उससे संकेत मिलता है कि वह किसी गंभीर या ‘जानलेवा’ बीमारी से ग्रस्त नहीं हैं।

केजरीवाल को एक और झटका देते हुए अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग संबंधी उनका आवेदन बुधवार को खारिज कर दिया।

विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल ने जिस तरह सघन प्रचार किया तथा संबंधित बैठकें व कार्यक्रम किये, जैसा कि बहस के दौरान बताया गया, वे संकेत देते हैं कि वह किसी गंभीर या ‘जानलेवा’ बीमारी से ग्रस्त नहीं हैं, ऐसे में वह इस लाभ के हकदार नहीं हैं।’’

न्यायाधीश बावेजा ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 19 जून तक के लिए बढ़ा दी। अदालत इस मामले में वैधानिक जमानत की मांग संबंधी उनकी अर्जी पर सात जून को सुनवाई करेगी। अपने आदेश में न्यायाधीश ने कहा कि यह निर्धारित करने के लिए कि क्या उच्च कीटोन स्तर या वजन के कथित रूप से घटने से ‘मधुमेह कीटोएसिडोसिस’ हो सकता है, परीक्षण कराने की खातिर अंतरिम जमानत प्रदान करने का आधार ‘चिकित्सीय जरूरत से भी अधिक कमजोर है।’

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ प्रत्यक्ष तौर पर, जैसा कि आवेदक ने अनुमानित बीमारी की ‘नैदानिक जांच’ के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है…. ऐसा कोई कारण जान नहीं पड़ता है कि हिरासत में रहने के दौरान आवेदक के परीक्षण क्यों नहीं कराये जा सकते हैं?’’

न्यायाधीश ने हालांकि तिहाड़ जेल प्रशासन को न्यायिक हिरासत के दौरान उनकी चिकित्सा जांचों का ध्यान रखने का निर्देश दिया। शनिवार को सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने यह कहते हुए आवेदन का विरोध किया था कि उन्होंने पूरे लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार किया लेकिन ‘अब जब आत्मसमर्पण करना है तो वह अचानक बीमार होने का दावा कर रहे हैं।’’

First Published - June 6, 2024 | 4:26 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट