facebookmetapixel
IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’

Qatar में भारत की बड़ी डिप्लोमैटिक जीत! नौसेना के 7 पूर्व अधिकारी लौटे वतन, मिली थी फांसी की सजा

Qatar की एक अदालत ने 26 अक्टूबर, 2023 को उन्हें मौत की सजा सुनाई थी जिसे लेकर भारत ने कहा था कि वह फैसले से "गहरा झटका" लगा है और वह सभी कानूनी विकल्प तलाश रहा है।

Last Updated- February 12, 2024 | 10:00 AM IST
Qatar Releases Navy Veterans

Qatar Releases Navy Veterans: खाड़ी देश कतर (Qatar) ने जासूसी के आरोपों को लेकर पिछले 18 महीने से जेल में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व आठ अधिकारियों को रिहा कर दिया और इनमें सात सोमवार सुबह वापस भारत पहुंच गए।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसकी जानकारी दी और कहा, ‘‘भारत सरकार कतर में हिरासत में लिए गए दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘रिहा किए गए आठ भारतीयों में से सात भारत लौट आए हैं। हम इन नागरिकों की रिहाई और घर वापसी के लिए कतर के फैसले की सराहना करते हैं।’’

पूर्व अधिकारियों को रिहाई की नहीं थी सूचना

एनडीटीवी की रिपोर्ट मुताबिक, नौसेना (Indian Navy) के पूर्व अधिकारियों को उनकी रिहाई की सूचना नहीं थी और रिहा होने के कुछ ही समय बाद एम्बेसी के अधिकारी उन्हें अपने साथ ले गए। इसके बाद उन्हें कल इंडिगो (Indigo) की उड़ान से वापस भारत ले जाया गया और वे देर रात दो बजे वापस लौटे।

इन आठ अधिकारियों को मिली थी मौत की सजा 

कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश को अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे जेल में थे।

सभी अधिकारी दहरा ग्लोबल नाम से एक प्राइवेट कंपनी द्वारा नियुक्त किए गए थे और अपनी कतर की एमिरी नौसेना बल में इतालवी यू212 स्टील्थ पनडुब्बियों की सहायता करने के लिए कतर में थे।

कतर की एक अदालत ने 26 अक्टूबर, 2023 को उन्हें मौत की सजा सुनाई थी जिसे लेकर भारत ने कहा था कि वह फैसले से “गहरा झटका” लगा है और वह सभी कानूनी विकल्प तलाश रहा है।

हाल ही में भारत ने क़तर के साथ की थी 78 अरब डॉलर की डील

भारत ने पिछले सप्ताह कतर से एलएनजी आयात को मौजूदा कीमतों से कम दरों पर 2048 तक 20 साल तक बढ़ाने के लिए 78 बिलियन डॉलर की डील पर साइन किए थे।

भारत के सबसे बड़े तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आयातक पेट्रोनेट एलएनजी ने एक बयान में कहा था कि उसने बिजली उत्पादन, फर्टिलाइजर बनाने और इसे सीएनजी में बदलने के लिए प्रति वर्ष 7.5 मिलियन टन गैस खरीदने के सौदे का विस्तार करने को लेकर कतरएनर्जी (QatarEnergy) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

दोनों देशों के बीच यह डील ऐसे समय में हुई थी जब कतर की एक अदालत ने आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों को कथित तौर पर इजराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि, इस डील के सप्ताह के भीतर ही नौसेना के पूर्व अधिकारियों को रिहा कर दिया।

First Published - February 12, 2024 | 9:53 AM IST

संबंधित पोस्ट