facebookmetapixel
India-US Trade Deal: भारत-US व्यापार संबंधों में नई शुरुआत, अंतरिम समझौते का खाका तयIT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्यान

सरकार ने साधारण चांदी के जेवरों के आयात पर लगाई रोक, अब 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा नियम

सरकार ने FTA के गलत इस्तेमाल और सस्ते आयात से घरेलू कारोबार को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए साधारण चांदी के जेवरों पर आयात पाबंदी लगा दी है। 

Last Updated- September 25, 2025 | 8:25 AM IST
Silver

सरकार ने बुधवार को फैसला किया कि अब साधारण चांदी के जेवरों (Plain Silver Jewellery) को विदेश से लाने पर रोक रहेगी। यह रोक अभी से शुरू होकर 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने बताया कि अब तक ऐसे जेवरों को बिना रोक-टोक (फ्री) आयात किया जा सकता था। लेकिन अब इन्हें “रेस्ट्रिक्टेड” किया गया है। यानी, अगर कोई इन्हें आयात करना चाहता है तो उसे सरकार से लाइसेंस लेना होगा।

क्यों लगाया गया यह नियम?

पिछले कुछ समय से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का गलत इस्तेमाल कर बड़ी मात्रा में चांदी के साधारण जेवर भारत में आ रहे थे। कंपनियां इन्हें तैयार गहनों के नाम पर कम ड्यूटी में ला रही थीं। इससे भारतीय कारीगरों और कंपनियों को नुकसान हो रहा था और रोजगार पर खतरा था।

घरेलू कारोबार को फायदा

सरकार का मानना है कि इस फैसले से भारतीय गहना बनाने वालों को बराबरी का मौका मिलेगा। इससे छोटे और मध्यम कारोबारियों को भी सहारा मिलेगा। साथ ही, इस उद्योग से जुड़े लोगों की नौकरी और आजीविका सुरक्षित रहेगी।

First Published - September 25, 2025 | 8:25 AM IST

संबंधित पोस्ट