सरकार ने 1 अप्रैल से पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथनॉल मिश्रण कम से कम 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर (आरओएन) वाले पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इसके लिए एक अधिसूचना जारी की है।
पेट्रोल में एथनॉल मिलाया जाना हाल ही में विवादों के घेरे में आया था और ऐसा दावा किया गया कि चीनी के प्रॉसेसिंग और चावल और मक्के से मिलने वाले एथनॉल को पेट्रोल में मिलाने से वाहन की क्षमता और माइलेज पर विपरीत असर पड़ रहा है। 17 फरवरी की अधिसूचना में कहा गया, ‘केंद्र सरकार यह निर्देश देती है कि तेल कंपनियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारतीय मानक ब्यूरो के निर्देशों के मुताबिक 20 प्रतिशत एथनॉल मिला हुआ पेट्रोल बेचें, जिसका कम से कम रिसर्च ऑक्टेन नंबर (आरओएन) 95 हो।’
विशेष परिस्थितियों में सरकार तेल विपणन कंपनियों को बीआईएस के निर्देशों को पूरा करने वाले एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को एक तय समय के लिए तय इलाकों में बेचने की इजाजत दे सकती है।