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Delhi Pollution: दिल्ली में प्रदूषण पर काबू के लिए मेट्रो के अधिक फेरे, अतिरिक्त यातायातकर्मियों की तैनाती

लोगों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने के वास्ते दिल्ली मेट्रो बुधवार से रोजाना 40 अतिरिक्त फेरे लगाएगी, जबकि डीटीसी बसों के फेरे भी बढ़ाए जाएंगे।

Last Updated- October 23, 2024 | 6:46 AM IST
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Delhi Pollution: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शहर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर काबू के लिए मंगलवार को कई उपाय घोषित किए, जिनमें मेट्रो ट्रेन के अतिरिक्त फेरे, सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए एमसीडी के 6,000 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती शामिल हैं। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले 97 स्थानों पर 1,800 से ज्यादा यातायात कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के मद्देनजर यहां क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के दूसरे चरण के लागू होने के बाद राय ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। राय ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों के अपने समकक्षों को पत्र लिखकर दिल्ली में डीजल बसें नहीं भेजने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी राज्यों में होने वाले प्रदूषण की दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में बड़ी हिस्सेदारी है।

राय ने कहा, “मैं केंद्र सरकार और सीएक्यूएम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित पड़ोसी राज्यों में प्रदूषण रोधी उपायों को लागू करने का आग्रह करता हूं, जहां से बड़ी संख्या में डीजल बसें दिल्ली आती हैं।” उन्होंने कहा, “हमने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के परिवहन मंत्रियों को पत्र लिखकर उनसे या तो डीजल बसों को दिल्ली आने से रोकने या फिर इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है।”

राय ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में भीड़भाड़ वाले 97 स्थानों पर 1,800 अतिरिक्त यातायात कर्मी तैनात किए जाएंगे, जबकि GRAP-दो के तहत निर्माण-विध्वंस स्थलों पर निरीक्षण तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ जंग के तहत लोगों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने के वास्ते दिल्ली मेट्रो बुधवार से रोजाना 40 अतिरिक्त फेरे लगाएगी, जबकि डीटीसी बसों के फेरे भी बढ़ाए जाएंगे।

राय ने कहा, “दिल्ली में मौसम में बदलाव के साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यह प्रवृत्ति दिल्ली तक ही सीमित नहीं है; पूरे उत्तर भारत में ऐसा देखा जा रहा है।” उन्होंने कहा, “वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रदूषण के स्तर पर काबू पाने के लिए GRAP के चार चरण बनाए हैं। मौजूदा समय में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से ऊपर है, जिसके कारण GRAP का दूसरा चरण लागू किया गया है।”

राय ने कहा कि एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आवश्यक प्रतिबंधों को लागू करने के उपाय सुझाए गए। उन्होंने बताया, “पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) इस बाबत 6,200 कर्मचारियों की तैनाती करेगा। हमने प्रदूषण के लिहाज से अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में पानी का छिड़काव बढ़ाने का निर्देश दिया है। एमसीडी को निर्देश दिया गया है कि यह काम 25 अक्टूबर से शुरू कर दिया जाए।”

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अधिकारियों के मुताबिक, प्रदूषण का कारण बनने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए शहर भर में 13 विभागों की 500 से अधिक टीमें तैनात की गई हैं। राय ने कहा कि प्रत्येक समर्पित टीम रोजाना शहर में दो निर्माण-विध्वंस स्थलों का निरीक्षण करेगी और ‘वॉर रूम’ को रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने बताया कि बिजली वितरण कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है कि डीजल जनरेटर का इस्तेमाल न किया जाए।

राय ने कहा कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमए) और दिल्ली नगर निगम को पार्किंग शुल्क बढ़ाने के विकल्प सुझाने का निर्देश दिया गया है, जिसे GRAP-II के तहत बढ़ाया जाता है। उन्होंने बताया कि जिन रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और अन्य जगहों पर रात की पाली में काम करने वाले कर्मचारी तैनात हैं, उन्हें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से हीटर उपलब्ध कराने के लिए कहा जाएगा।

राय के अनुसार, “मेट्रो ट्रेन रोजाना 4,200 फेरे लगाती हैं और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए कल से वे 40 अतिरिक्त फेरे लगाएंगी। इसी तरह, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों के फेरे भी बढ़ाए जा रहे हैं।”

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिल्ली में वायु गुणवत्ता के बिगड़ते स्तर के बीच सोमवार को GRAP के दूसरे चरण को लागू किया, जिसमें कोयले और लकड़ी के साथ-साथ डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया और पार्किंग शुल्क भी बढ़ा दिया गया। ये प्रतिबंध मंगलवार सुबह आठ बजे से प्रभावी हो गए।

First Published - October 23, 2024 | 6:46 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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