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चीनी विदेश मंत्री वांग यी 18 अगस्त को विशेष प्रतिनिधि तंत्र के लिए भारत आएंगे: विदेश मंत्रालय

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दुर्लभ खनिजों के आयात का मार्ग प्रशस्त करने के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत हो रही है।

Last Updated- August 14, 2025 | 10:04 PM IST
MEA

विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि टैरिफ तनाव के बावजूद भारत और अमेरिका के रक्षा सहयोग समेत द्विपक्षीय संबंध मजबूत बने हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक अमेरिकी रक्षा नीति टीम अगस्त में ही दिल्ली आएगी। यही नहीं, 21वां संयुक्त सैन्य अभ्यास भी इस महीने के अंत में अलास्का में होने की उम्मीद है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की शुक्रवार को अलास्का में होने वाली बैठक के बारे में जायसवाल ने कहा कि शिखर सम्मेलन की बैठक में यूक्रेन युद्ध समाप्त करने और शांति की राह खुलने की संभावना है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि अभी यह तय नहीं किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भाग लेंगे या नहीं।

भारत-चीन संबंधों विशेष रूप से दोनों पड़ोसियों के बीच सीमा व्यापार की बहाली और इसमें भी भारत के दुर्लभ खनिजों के आयात का मार्ग प्रशस्त करने के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत हो रही है। विदेश मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी 18 अगस्त को विशेष प्रतिनिधि तंत्र के लिए भारत आएंगे। इसका गठन दोनों देशों ने सीमा विवाद पर चर्चा करने के लिए किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के भारत पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाने के बाद भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बारे में एक सवाल पर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के संबंध आपसी हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों से लोगों के बीच मजबूत संबंधों में निहित एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर टिके हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि भारत दुर्लभ चुंबक खनिज निर्यात पर प्रतिबंधों के मुद्दे पर चीनी अधिकारियों के साथ संपर्क में है। घरेलू फर्मों को चीन की यात्रा करने के लिए वीजा भी मिला है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपूर्ति श्रृंखला अप्रभावित रहे। चीनी सरकार ने अप्रैल में प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें सात दुर्लभ खनिजों और मैग्नेट के लिए विशेष निर्यात लाइसेंस अनिवार्य कर दिए गए। अधिकारी ने कहा, ‘ प्रयास जारी हैं। वास्तव में, जब हमने पिछली बार चीन के दूतावास से संपर्क किया था, तो उन्होंने हमारी कंपनियों को वीजा भी जारी किए। वे चीनी अधिकारियों के संपर्क में हैं और वे ऐसे साधन और तरीके भी खोज रहे हैं जिससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो। तो उस दिशा में प्रयास जारी हैं।’

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First Published - August 14, 2025 | 9:56 PM IST

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