facebookmetapixel
Advertisement
लोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवालAI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्टहिंद महासागर में भारत का बड़ा कदम: सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ डॉलर के आर्थिक पैकेज का ऐलानIndia AI Impact Summit 2026: दिल्ली के लग्जरी होटलों में रेट्स आसमान पर, स्वीट्स 30 लाख रुपये तकफार्मा दिग्गजों की हुंकार: चीन से मुकाबले के लिए भारतीय दवा नियमों में बड़े सुधार की जरूरतपीएम इंटर्नशिप योजना में बदलाव की तैयारी; इंटर्नशिप अवधि और आयु सीमा में कटौती संभवमारुति सुजुकी की रफ्तार: 2025 में रेल से 5.85 लाख वाहनों की रिकॉर्ड ढुलाई, 18% का शानदार उछालFY26 की पहली छमाही में कंपनियों का कैपेक्स 6 साल के हाई पर, इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाई तेजीजगुआर लैंड रोवर के वैश्विक नक्शे पर तमिलनाडु: रानीपेट में ₹9,000 करोड़ के TATA-JLR प्लांट का उद्घाटन

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश: पूरे पश्चिम बंगाल में मनरेगा के तहत काम तुरंत शुरू किया जाए

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र की याचिका खारिज किए जाने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मनरेगा के 100 दिन के काम को तुरंत फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है

Last Updated- November 07, 2025 | 10:40 PM IST
MGNREGA
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

केंद्र सरकार की विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पूरे पश्चिम बंगाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत काम को तत्काल फिर से शुरू करने का शुक्रवार को निर्देश दिया।

कोलकाता उच्च न्यायालय के खंडपीठ ने संज्ञान लेते हुए मामले की सुबह सुनवाई की। इस खंडपीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुजॉय पाल, न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन थे। सूत्रों के मुताबिक खंडपीठ ने भारत सरकार और राज्य सरकार को उच्च न्यायालय के 18 जून  2025 के पूर्व फैसले के अनुसार 100 दिन की कार्ययोजना को तत्काल फिर से लागू करने का निर्देश दिया। 

यह आदेश सर्वोच्च न्यायालय के केंद्र की विशेष याचिका खारिज किए जाने के बाद आया है। केंद्र की विशेष याचिका में उच्च न्यायालय के निर्देश को चुनौती दी गई थी। यह याचिका खारिज होने के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय का पूर्व आदेश अंतिम और बाध्यकारी हो गया है। न्यायालय ने जून में केंद्र को पश्चिम बंगाल में 1 अगस्त 2025 से मनरेगा का काम फिर से शुरू करने का निर्देश दिया था।

Advertisement
First Published - November 7, 2025 | 10:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement