facebookmetapixel
Advertisement
इंडिया रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 27 का जीडीपी वृद्धि अनुमान बढ़ाकर 6.8% कियाउदारीकरण के 35 साल: सरकारी वर्चस्व से निजी क्षेत्र की मजबूती तक का सफरटाटा संस जल्द बुलाएगी बोर्ड बैठक, एजीएम की नई तारीख पर हो सकता है फैसलाआरबीआई की FCNR-B विंडो 31 अगस्त को होगी बंद, निजी बैंकों ने बढ़ाई ब्याज दरेंटाटा की दिग्गज कंपनियां अपनी बैलेंसशीट के दम पर करेंगी बड़ा विस्तार, नकदी और कर्ज पर नजरडिजिटल भुगतान बढ़ा, फिर भी 176 अरब नोट प्रचलन में; आरबीआई के सामने नकदी प्रबंधन की चुनौतीविदेशी रेमिटेंस में गड़बड़ी का शक, आयकर विभाग ने कंपनियों और पेशेवरों पर कसा शिकंजाडॉलर की बड़ी आवक भी रुपये को नहीं दे सकी मजबूती, 8 जून से अब तक सिर्फ 0.1% चढ़ाजेफरीज व नुवामा के डाउनग्रेड के बाद निचले स्तर पर बीएसई, लगातार पांचवें दिन टूटा शेयरसोना 2,000 रुपये चढ़कर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, चांदी 730 रुपये मजबूत

बिहार सबसे योग्य राज्य है, जिसे केंद्र से विशेष सहायता की आवशयकता है: विजय कुमार चौधरी

Advertisement

उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था की वास्तविक वृद्धि 15.04 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले दशक के दौरान सबसे अधिक है, लेकिन बिहार देश के सबसे गरीब राज्यों में आता है।

Last Updated- February 19, 2023 | 9:44 AM IST
Bihar

किसी भी राज्य को विशेष दर्जा नहीं दिए जाने संबंधी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शनिवार को कहा कि यह एक ऐसा कदम है, जिससे देश में राज्यों के बीच क्षेत्रीय असमानताएं बढ़ेग। उन्होंने दावा किया कि बिहार सबसे योग्य राज्य है, जिसे केंद्र से विशेष वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।

सीतारमण की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चौधरी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस तरह के बयान कैसे दिए। केंद्रीय वित्त मंत्री का बयान निश्चित रूप से देश में राज्यों के बीच क्षेत्रीय असमानताओं को बढ़ाएगा।।” उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था की वास्तविक वृद्धि 15.04 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले दशक के दौरान सबसे अधिक है, लेकिन बिहार देश के सबसे गरीब राज्यों में आता है।

मंत्री ने कहा कि बिहार सबसे योग्य राज्य है, जिसे विशेष वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा, ‘‘नीति आयोग ने पहले स्वीकार किया था कि बिहार ने पिछले एक दशक में कई क्षेत्रों में जबरदस्त प्रगति की है, लेकिन अतीत में अपने कमजोर आधार के कारण राज्य को दूसरे राज्यों की तरह सभी पहलुओं में विकास के आंकड़े तक पहुंचने में कुछ और समय लग सकता है। यही कारण है कि हम केंद्र से विशेष सहायता की मांग कर रहे हैं। ”

Advertisement
First Published - February 19, 2023 | 9:44 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement