देश में फरवरी 2024 के दौरान 126.48 लाख लोगों ने घरेलू मार्गों पर हवाई सफर किया, जबकि इसी अवधि के दौरान उड़ान में देरी से 1.55 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में घरेलू हवाई यातायात सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत बढ़ गया।
एयर इंडिया (Air India) की बाजार हिस्सेदारी फरवरी में 12.2 प्रतिशत से बढ़कर 12.8 प्रतिशत हो गई, जबकि इंडिगो (Indigo) की बाजार हिस्सेदारी जनवरी में 60.2 प्रतिशत से मामूली गिरावट के साथ 60.1 प्रतिशत हो गई।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कहा कि फरवरी में 1.26 करोड़ घरेलू यात्रियों ने हवाई जहाज से सफर किया जबकि एक साल पहले के इसी महीने में 1.21 करोड़ लोगों ने ट्रैवल किया था।
हालांकि, जनवरी 2024 की तुलना में हवाई यातायात में कमी आई है। फरवरी के मुकाबले जनवरी में 1.31 करोड़ लोगों ने घरेलू मार्गों पर हवाई यात्रा की थी।
डीजीसीए ने कहा, “जनवरी-फरवरी 2024 के दौरान घरेलू एयरलाइंस से 257.78 लाख यात्रियों ने सफर किया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह संख्या 246.11 लाख थी। इसमें सालाना आधार पर 4.74 प्रतिशत की वृद्धि और मासिक आधार पर 4.80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।”
उड़ान में देरी के कारण 1.5 लाख से ज्यादा यात्री हुए प्रभावित
फरवरी में उड़ान में देरी के कारण 1,55,387 यात्री प्रभावित हुए और अनुसूचित एयरलाइन ने सुविधा के लिए 22.21 करोड़ रुपये खर्च किए। डीजीसीए ने यह भी बताया कि उड़ान कैंसिल होने से 29,143 यात्री प्रभावित हुए और एयरलाइंस ने मुआवजे और सुविधाओं के तौर पर 99.96 लाख रुपये खर्च किए।
पिछले महीने स्पाइसजेट (SpiceJet) की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 5.6 प्रतिशत से घटकर 5.2 प्रतिशत हो गई। विस्तारा और अकासा एयर अपनी हिस्सेदारी क्रमशः 9.9 प्रतिशत और 4.5 प्रतिशत पर बनाए रखने में कामयाब रहे।
आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में एयर इंडिया का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (ओटीपी) 56.4 फीसदी रहा जबकि स्पाइसजेट का 59.1 फीसदी रहा।